चाइनीज मांझा : जिला प्रशासन नहीं है गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चाइनीज मांझे को लेकर गहरी नींद में सोए जिला प्रशासन की दो बड़े हादसों के बावजूद नींद नहीं खुली। वीरवार को किसी भी तरह की जांच या कार्रवाई नहीं की गई। शहर के बाजारों में सरेआम चाइनीज मांझे बेचे जा रहे है। जिसको रोकने वाला कोई नहीं है।
बुधवार को एक सात वर्षीय मासूम व एक बैंक कर्मचारी चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बुरी तरह से घायल हैं। दोनों की गर्दन कट गई हैं। उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में डीसी ने कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन वीरवार को कार्रवाई के नाम पर परिणाम शून्य रहा।
इससे पूर्व भी कई हादसे हो चुके हैं। पूर्व के हादसों में घायलों में सुरजीत कुमार चंदाना गेट, मदन कुमार खुराना रोड, राजेश कुमार आरकेपुरम कॉलोनी, मुकेश शर्मा निवासी चंदाना, अनु निवासी प्रताप गेट को हाथ व पांव में चोटें आई है।
शहर वासी मनोहर लाल, शशि सैनी, मनीष कुमार, राजेश शर्मा ने बताया कि चाइनीज मांझों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है। इसके वाबजूद भी बाजारों में सरेआम बिक रहे हैं। जिला प्रशासन को चाहिए की चाइनीज मांझे बेचने वालों पर कार्रवाई करें।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि चाइनीज मांझे बहुत खतरनाक हैं। जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक ज्वाइंट टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।