तीन वर्ष के बेटे ने थाने में किया पेशाब तो पुलिसवालों ने पिता को धुना
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर पुलिस स्टेशन में एक तीन वर्षीय बच्चे के पेशाब करने पर गुस्साए पुलिस कर्मचारियों ने उसके पिता की जमकर धुनाई की। पुलिस कर्मचारियों को गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने उसको करीब तीन घंटे तक पुलिस स्टेशन में बैठाए रखा। पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि वह पुलिस कर्मचारियों से यह पूछता रहा है कि उसका कसूर क्या है और पुलिस कर्मचारी उसको जाति सूचक शब्द कहते हुए उसको प्रताड़ित करते रहे। पीड़ित ने एसपी से पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
गांव सेगा निवासी जसविंद्र सिंह ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे वह शहर पुलिस स्टेशन में उसकी बहन के घर पर हुए झगड़े के मामले की शिकायत देने आया था। उसकी बहन गुरमेल की पट्टी अफगान में शादी हुई है। उसका जीजा उसके बहन को शराब पीकर परेशान करता है। उसने पुलिस स्टेशन में कंप्लेन लिखवा दी। इसके बाद थाने के मुंशी ने उसको बाहर बैठने के लिए कहा। उसने बताया कि उसके साथ उसका तीन साल का बेटा गौरव भी आया हुआ था। उसके बेटे ने पुलिस स्टेशन के ग्राउंड में पेशाब कर दिया। तभी एक पुलिस कर्मचारी ने उसकी माता केलो देवी को अपशब्द बोलना शुरू कर दिया। उसने विरोध किया तो पुलिस कर्मचारी ने उसको थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दो पुलिस कर्मचारी उसे पीटते हुए अंदर ले गए। अंदर ले जाने के बाद दोनों पुलिस कर्मचारी व एक अन्य सादी वर्दी में पुलिस कर्मचारी ने उसकी जाति पूछी। जिस पर उन्होंने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस ने उसे तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। पुलिस कर्मचारियों ने उससे वहां पड़े सामान की ढुलाई का काम करवाया। जसविंद्र ने बताया कि उसकी मां व उसकी बहन ने पुलिस कर्मचारियों से काफी गुहार लगाई लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी और उसका मोबाइल तक छीन लिया। जसविंद्र ने एसपी को शिकायत देकर दोनों पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। पता लगाया जा रहा है कि झगड़े का कारण क्या था। मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की जा रही है।
पिछले सप्ताह भी चर्चा में आई थी थाना शहर पुलिस
थाना शहर पुलिस कर्मचारियों का व्यवहार पिछले सप्ताह भी चर्चा में आया था। जब देर रात हुए एक सड़क हादसे में दुकानदार की मौत के बाद ट्रक चालक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद फरार होना बताया गया था। साथ ही यह भी बताया गया था कि पुलिस कर्मचारियों ने पीसीआर में रखे पानी के कैंपर से पानी नहीं दिया। लोगों को मृतक दुकानदार के मुंह में सड़क पर खड़े बारिश का पानी डाला था। लोगों ने इस मामले में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जाम भी लगाया था। लेकिन बाद में मामले मेें कुछ नहीं हुआ।