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ई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को एक करने के प्रयास नहीं चढ़ पाए सिरे

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नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को एक करने का प्रयास नहीं चढ़ पाया सिरे
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सुबह प्रधान कृष्ण मित्तल ने बैठक कर दूसरे पक्ष से बातचीत के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई, शाम को दूसरे पक्ष ने कहा- मंडी में अब रहेंगी दो एसोसिएशन
प्रधान ने कहा-उनकी केवल इतनी गलती कि आढ़तियों ने उन्हें जितवाया, दूसरे पक्ष ने कहा- एक सप्ताह तक किया इंतजार, अब बात आगे निकल चुकी है
फोटो संख्या-33 व 34
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दो फाड़ हुई नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को एक करने के सोमवार को प्रयास सिरे नहीं चढ़ सके। दोपहर को मंडी में स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में हुई हंगामेदार बैठक के बाद दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर एक ही एसोसिएशन के लिए बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन नई एसोसिएशन के नेताओं ने शाम तक एकीकरण को नकारते हुए एलान कर दिया कि अब यहां दो ही एसोसिएशन रहेंगी।
विदित रहे कि रविवार को नगर परिषद के पूर्व प्रधान रामनिवास मित्तल के भाई शमशेर मित्तल को नई एसोसिएशन का गठन करते हुए प्रधान घोषित कर दिया गया था। इसके बाद सोमवार को दोपहर बारह बजे श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल की अध्यक्षता में आढ़तियों की बैठक हुई। जिसमें भारी संख्या में आढ़तियों ने भाग लिया। बैठक में राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मांगे राम खुरानिया ने कहा कि मंडी में भाईचारे को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी मंदिर में चुनाव हुआ और अब कुछ लोग उस चुनाव को नकार रहे हैं। जसबीर क्योड़क ने कहा कि मंडी में विवाद काफी दुखद है। इससे किसी को फायदा नहीं होने वाला। वहीं आढ़ती ईश्वर जैन ने कहा कि यदि अलग ही होना था तो चुनाव क्यों लड़ा गया? बैठक में श्रवण गोयल ने कहा कि जो लोग एसोसिएशन से बाहर गए हैं, उनकी मिन्नतें करने की कोई जरूरत नहीं हैं।
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प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि उनकी व आढ़तियों की एक ही गलती है कि वे 30 वोट से चुनाव जीत गए। दूसरे पक्ष को यदि पता चल जाता कि वे हार रहे हैं तो वे अपना पीपा (बॉक्स) भी उठाकर ले जाते और चुनाव ही न लड़ते। केवल 10 ऐसे लोगों को उनसे दिक्कत है, जो उठान जैसे कार्यों में वीआईपी ट्रीटमेंट चाहते हैं। पहले पर्ची चाहते हैं। लेकिन वे पूरी मंडी को साथ लेकर चलते हैं। सीजन में 3500 बोरी पर प्रत्येक आढ़ती को बिना रिश्वत के एक समान एक गाड़ी मिलेगी। इसके बाद जसबीर क्योड़क के सुझाव पर रामनिवास खुरानिया व जसबीर क्योड़क को नई एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत करने के लिए समिति बनाई गई। समिति ने शाम तक इस एसोसिएशन के सदस्यों से बातचीत कर एक करने का प्रयास किया। जिसे नई एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नकार दिया।
हमने एक सप्ताह तक इंतजार किया, अब बात काफी आगे निकल चुकी है : नई एसोसिएशन की ओर से अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अश्वनी शोरेवाला, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल ने कहा कि प्रधान कृष्ण मित्तल द्वारा कहे गए शब्दों के बाद एक सप्ताह तक आपसी मतभेद मिटाने का इंतजार किया गया। जब कोई रिस्पांस नहीं मिला तो नई एसोसिएशन का गठन कर दिया गया है। अब बात काफी आगे बढ़ चुकी है। नई एसोसिएशन आढ़तियों के हितों के लिए काम करेगी। भाईचारा अभी भी कायम है। केवल काम करने के लिए इसका गठन हुआ है। पुरानी एसोसिएशन के भी फैसलों में साथ दिया जाएगा। अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि मंडी में आढ़तियों के रुपये हड़पने की जो परंपरा शुरू हो चुकी है, उसे बंद करवाया जाएगा। राशि हड़प चुके लोगों से जो बातचीत बंद हो चुकी है, उसे शुरू किया जाएगा। नई एसोसिएशन का कार्यालय मंडी के मंदिर में ही होगा। आढ़तियों की मर्जी होगी कि वे किस एसोसिएशन में जाना चाहते हैं।
हमारी चयनित कार्यकारिणी, मंदिर में दूसरी एसोसिएशन के कार्यालय का कोई मतलब नहीं : वहीं प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि उनकी चयनित कार्यकारिणी है। जिसका कार्यालय मंदिर में है। जो लोग भाईचारा खत्म करके गए हैं। उनके साथ कोई तालमेल नहीं होगा। न ही नई एसोसिएशन के मंदिर में कार्यालय का कोई मतलब है।
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शहर की राजनीति पर होता है अच्छा-खासा असर : नई अनाज मंडी में 662 से अधिक आढ़ती हैं। यहां होने वाले घटनाक्रम का शहर की राजनीति पर काफी असर रहता है। नई एसोसिएशन बनाने वालों में विधायक रणदीप सुरजेवाला समर्थक रामनिवास मित्तल, अश्वनी शोरेवाला, भाजपा सरकार में एक ओर सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्ट रॉकी मित्तल सहित कई पार्टियों के समर्थक हैं। वहीं पुरानी एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल तो खुद को किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थक नहीं कहते, लेकिन उनकी साइड भी भाजपा, जजपा सहित कई पार्टियों के समर्थक हैं। अब देखना है कि यह घटनाक्रम शहर की राजनीति पर कितना असर डालेगा।
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