30 गज से अधिक में घर बनाने पर अतिरिक्त एरिया के लिए देनी होगी लाभार्थी को नकशा पास करवाने की फीस
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदनकर्ताओं को केवल 30 वर्ग गज तक घर बनाने के लिए नकशे की फीस से छूट
नया घर बनाने पर दी जाएगी ढाई लाख रुपये की मदद
फोटो नंबर-16
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के आवेदनकर्ताओं को नकशे को लेकर उहा-पोह की स्थिति बनी हुई है। लेकिन नगर परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना के तहत केवल 30 वर्ग गज की जगह का नकशा पास करवाने के लिए फीस में छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त यदि कोई 30 वर्ग गज से अधिक में घर बनाताहै तो 30 वर्ग गज से अधिक जितनी भी जगह में निर्माण कार्य होगा, उस जगह के लिए नकशा पास करवाने की फीस नगर परिषद में जमा करवानी होगी।
30 गज से अधिक कंस्ट्रक्शन करवाने के लिए नकशा पास करवाना जरुरी:-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यदि कोई लाभार्थी 30 गज से अधिक से मकान के लिए कंस्ट्रक्शन करवानी है तो उसके लिए नकशा पास करवाने की शर्त लागू होगी। इसमें भी लाभार्थी को 30 गज से ऊपर बनने वाले एरिया के नकशे की राशि कमेटी में जमा करवानी होगी। जो सरकारी रेट होगा। इसके बाद सरकार उसे 2.50 लाख रुपये की वित्तिय सहायता देगी। जो तीन किश्तों में देनी होगी। 30 गज से अधिक कंस्ट्रक्शन करवाने पर खर्च होने वाली राशि को लाभार्थी को स्वयं खर्च करनां होगा।
योजना के तहत मिलेगी केवल 30 गज के नक्शे के तहत राशि:-नपा में कार्यरत जेई हवा सिंह ने बताया कि अक्सर लाभार्थियों में यह संशय रहता है कि मकान की पूरी कंस्ट्रक्शन के लिए सरकार उसे अर्थिक सहायता देगी। लेकिन ऐसा नहीं है इस योजना में शर्तानुसार 30 गज के नक्शे के तहत सरकार लाभार्थी को कोई फीस जमा नहीं करवानी। नींव भरने के बाद एक लाख रुपये की राशि, कमरों का ढांचा से लेकर लेंटर तैयार होने के बाद फिर से एक लाख रुपये व अंत में मकान के पूरा करने के लिए 50 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
लोगों में नकशा पास करवाने को लेकर संशय:-नगर परिषद में योजना के लाभार्थी नकशे को लेकर संशय की स्थिति में हैं। वे नकशा पास करवाने के लिए जब नगर परिषद कार्यालय में पहुंच रहे हैं तो वहां उन्हें यदि 100 गज का प्लाट है तो इसमें से 30 गज छोड़कर परिषद कर्मचारी शेष जगह के लिए फीस जमा करवाने को कहते हैं। जो 120 रुपये प्रति वर्ग गज होने के कारण करीब 7000 रुपये तक बन जाती है। जिससे आवेदनकर्ता ठिठक जाते हैं और जिनकी जगह इससे भी ज्यादा है तो उन्हें इससे भी ज्यादा फीस जमा करवानी होगी। जिस कारण लोगों का योजना का लाभ लेने के प्रति उत्साह कम हो रहा है।