सीएमओ साहब! आप यहां रहने लायक नहीं हैं, आपका तबादला किया जाता है
बच्चे की मौत सहित कई लापरवाही सामने आने पर कष्ट निवारण समिति की बैठक में विज ने दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने नवजात बच्ची की मौत के मामले में लापरवाही सहित डॉक्टरों की कई शिकायतों पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी के तुरंत प्रभाव से तबादले के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मनरेगा मजदूरी में घोटाले के मामले की जांच स्टेट विजिलेंस से करवाए जाने का आदेश जारी किए हैं। शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे।
कौल निवासी विकास की शिकायत थी कि कौल से उसकी गर्भवती पत्नी को कैथल रेफर किया गया। जहां सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने भी उसे निजी अस्पताल में ले जाने को कहा और इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। इस दौरान एंबुलेंस के कर्मचारी भी उपस्थित नहीं थे और इस देरी के कारण बच्ची की मौत हो गई। इसी बीच भाजपा के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष मोहित राठी, धीरेंद्र क्योड़क सहित कई लोगों ने जिला अस्पताल में गार्ड व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन लगाने, डॉक्टरों द्वारा दुर्व्यवहार करने की शिकायत की तो स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीएमओ साहब आप यहां रहने के लायक नहीं हैं। इसीलिए आपका तुरंत प्रभाव से तबादला किया जाता है और बच्ची की मौत के मामले की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में दो मनोनीत सदस्यों शैली मुंजाल व मोहित राठी की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
मनरेगा मामले की जांच करेगी विजिलेंस
पिछली कई बैठकों में रखा जाने वाला मनरेगा घोटाले के आरोप संबंधी मामला शुक्रवार को भी बैठक में छाया रहा। गांव खेड़ी लांबा के राजू पुत्र मंगता, सुरेश पुत्र अमीलाल की मनरेगा मजदूरों की मजदूरी में अनियमितता और मजदूरी भत्ता फर्जी खातों में डालने संबंधित कथित शिकायत की जांच करीब 20 मिनट की सुनवाई के बाद स्टेट विजिलेंस से करवाने के आदेश जारी किए। मजदूरों ने मनरेगा मजदूरों को गुमराह करने, उनका उत्पीड़न करने, एससी समुदाय के विकास के लिए लगाई गई अनुदान राशि की जांच करवाने, मनरेगा अधिनियम अनुसार मजदूरी भत्ता दिलवाने, फर्जी खातों में डाली गई राशि की रिकवरी करने के बारे में अनेक मामलों की जांच करवाने का अनुरोध किया गया था।
धेरड़ू के सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
गांव धेरडु निवासी जगदीश चंद्र की पंचायती भूमि पर गलत तरीके से सरपंच द्वारा लोगों के अवैध कब्जे करवाने और श्मशान घाट में बिना मार्का की टाइलें उपयोग करने तथा पाइप लाइन बिछाने के कार्य में लेबर के रेट ज्यादा देने की शिकायतों पर सरपंच गांव के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। सरपंच पर गांव में विभिन्न कार्यों में अनियमितता बरतने का भी आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया था। गांव सौंगरी के नरेश कुमार पुत्र जीवन राम की शिकायत मुआवजा राशि ना देने संबंधी शिकायत को मुआवजा राशि जमा करवाने के बाद खत्म कर दिया गया।
जज नहीं हो तुम...
गांव चौशाला के कुलबीर की 40 एकड़ की धान डकैती के मामले में एसपी आस्था मोदी, डीएसपी रामकुमार सहित मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर ने तमाम तर्क दिए। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने अंतत: कहा कि जबरन किसी का धान नहीं उठाया जा सकता। इसीलिए आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इसके बावजूद पुलिस कर्मचारी ने कहा कि 1 माह में गिरफ्तार कर लेंगे। इस पर विज भड़क गए और कहा कि जज नहीं हो तुम, जल्दी गिरफ्तार कर लेंगे कुछ नहीं होता। दिन बताओ कब गिरफ्तार करोगे? आपकी मंशा सही नहीं लगती। एक महीना क्यों? दो दिन में गिरफ्तार करो। इसके बाद जाकर जांच अधिकारी ने गिरफ्तारी की हामी भरी।
शिकायतकर्ता को कहा-कुछ समय दो
गांव बिरथेबाहरी के करतार सिंह की 649 एकड़ विमुक्त जाति के लोगों को पट्टे पर दे दी गई जमीन के मामले में एडीसी ने आश्वासन दिया कि 1 माह में सही लोगों के नाम जमीन अलॉट कर दी जाएगी। इसके बाद विज ने शिकायतकर्ता को कहा कि कुछ समय दे दीजिए। इसी प्रकार से गांव नौंच के राजेंद्र कुमार पुत्र लछमण सिंह की 32 कनाल 14 मरले जमीन का इंतकाल सरकार के नाम है तथा शेष 13 कनाल 7 मरले भूमि का इंतकाल करवाने के बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया गया है। स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि इस मामले को आगामी दो मास में निपटाएं।
कब्रिस्तान के बीच से निकाली है सड़क, दोबारा निशानदेही करवाएं
एक नई शिकायत में गुहणा के शहाबुद्दीन मुस्लिम वेल्फेयर ट्रस्ट ने गांव गुहणा में कब्रिस्तान के नाम पर 6 कनाल 9 मरले जमीन की निशानदेही करवाने का अनुरोध किया गया था। शिकायतकर्ता ने बनाई गई सड़क को सीजरा के मुताबिक सड़क कब्रिस्तान से बाहर बताई थी। मंत्री ने जांच नए सिरे से एडीसी पार्थ गुप्ता को निशानदेही करवाने के आदेश जारी किए। बैठक में गांव खरक पांडवा के करता सिंह, गांव रसीना के ईश्वर सिंह, गांव फरल के गौरव, गांव कौल के विकास कुमार, गांव चीका के राजेंद्र शर्मा की शिकायतों पर सुनवाई की गई।
इस मौके पर विधायक कुलवंत बाजीगर, दिनेश कौशिक, डीसी सुनीता वर्मा, एसपी आस्था मोदी, एडीसी पार्थ गुप्ता, जिला परिषद की चेयरमैन सुखविंद्र कौर, भाजपा नेता राव सुरेंद्र, रणधीर गोलन, श्याम सुंदर बंसल, राजपाल तंवर, शैल मुंजाल, धीरेंद्र क्योड़क, मनीष कठवाड़, पाला राम सैनी, रामपाल राणा, शकुंतला वजीरखेड़ा और कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्य व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
पहले कहा पूरा प्रशासन बिका हुआ है, बाद में माफी मांगी
बैठक में मनरेगा घोटाले की शिकायत पर जांच अधिकारी डीएसपी रामकुमार की जांच रिपोर्ट सुनने के बाद शिकायत करने वाले मजदूर ने माइक पर आते ही कहा कि मंत्री जी पूरा प्रशासन बिका हुआ है। इस पर डीसी सुनीता वर्मा ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि आप ऐसे कैसे कह सकते हैं? जो आरोप हैं, उनकी जांच चल रही है। इस पर मंत्री ने भी कहा कि इस तरह से नहीं कहना चाहिए कि पूरा प्रशासन बिका हुआ है। बाद में शिकायतकर्ता अपनी इस बात के लिए माइक पर ही माफी मांग कर गया।