हरियाणा में पशु विश्वविद्यालय के नौ रीजनल सेंटर खुलेेंगे : डॉ. गुरदयाल
- लाला लाजपत राय पशु विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने दी जानकारी
- चंदाना गांव में आयोजित महिला पशुपालन प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे थे वीसी
कैथल। लाल लाजपत राय पशु विश्वविद्यालय हिसार के वाइस चांसलर डा. गुरदयाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हरियाणा में 8-9 रीजनल सेंटर खोले जाएंगे। ताकि पशुओं के संबंध में लोगों को कोई परेशानी न हो और आय बढ़ाने की दिशा में यह लाभदायक साबित हो सके। वे गांव चंदाना में विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित शिविर में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। इस शिविर में गांव की 50 अनुसूचित जाति की महिलाओं को पशुपालन संबंधी बारीकियां सीखाई गईं।
वीसी ने कहा कि प्रदेश भर के 80 गांवों में अभी तक ये ट्रेनिंग शिविर डायरेक्टर एक्सटेंशन डा. राजेंद्र सिंह श्योकंद के नेतृत्व में आयोजित किए जा चुके हैं। गांव चंदाना की महिलाओं से इस प्रशिक्षण से काफी लाभ होगा। महिलाएं प्रशिक्षण को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा भी पशुपालन के लिए लोन दिया जा रहा है। हरियाणा में मुर्राह, साहिवाल व विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नस्ल हरधेनू के लिए किसानों को सीमन दिया जा रहा है। साथ ही इन नस्लों को विकसित करने का भी प्रयास हो रहा है। गाय पालन के लिए भी सरकार व नाबार्ड द्वारा मदद की जा रही है। कैथल, महेंद्रगढ़ सहित कई जिलों में रीजनल सेंटर बनाए जा रहे हैं। गांव क्योड़क में शीघ्र ही रीजनल सेंटर के लिए काम शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय का भी विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश के शेष जिलों में पशु विज्ञान केंद्र खोले जाएंगे।
विस्तार शिक्षा निदेशक डा. राजेंद्र श्योकंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आय दोगुनी करने के सपने को पशुपालन के माध्यम से साकार किया जा सकता है। किसान अपने पशु पर आने वाले खर्च का आय-व्यय रखें। शिविर में डॉ. रमेश कुमार, सिरसा पशु विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. बलबीर श्योकंद, प्रगतिशील किसान कुशलपाल सिरोही, पूर्व सरपंच सुरेंद्र कुमार, बिल्लू चंदाना, किसान रामेश्वर आर्य, सतीश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।