मां के जयकारों से गूंजा शहर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सातवें नवरात्र में मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि की पूजा कर मन्नतें मांगी। सुबह चार बजे ही छोटी देवी एवं बड़ी देवी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की कतारें शुरू हो गई थी। दिन भर पूजा अर्चना जारी रही। बड़ी देवी माता मंदिर में मुख्य हाल में कई लाईनें बनाकर श्रद्धालुओं ने घंटों इंतजार के बाद माता के दर्शन किए। यहां सुबह चार बजे ही लाईनें लगनी शुरू हो गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने करीब आठ बजे तक लाईनों में लगकर दर्शन करने पड़े। बाद में दिन भर माता के दर्शनों का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद शाम के समय फिर से लाईनें लगनी शुरू हो गई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
मां कालरात्रि पूजा से मिलता है सुख-
पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि कालरात्रि माता काल का नाश करने वाली, अकाल मृत्यु हरने वाली, भूत-प्रेतों से मुक्ति दिलाने मां कालरात्रि है। इसमें गुड़ चढ़ाकर ब्राह्मण को दान करना चाहिए।
राजौंद में मां कालरात्रि की हुई अराधना
राजौंद। पावन नवरात्रों के सातवें दिन मंदिरों में मां के श्रद्धालुओं ने मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्रा उपवास रखने वाले श्रद्धालु अष्टमी को कंजक पूजन के साथ अपना उपवास खोलते हैं, जबकि कई श्रद्धालु नवमी को उपवास खोलते हैं।
श्रद्धालुओं ने नारियल- चुरनी चढ़ाकर मांगीं मन्नतें
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