राजनीति में अटका शहर का विकास कार्य
नसीब सैनी
कैथल। नगर परिषद के माध्यम से होने वाले विकास कार्य शहर में राजनीति का शिकार होकर रह गए हैं। कांग्रेस समर्थक चेयरमैन की अगुवाई में बजट के अभाव सहित कई अन्य कारणों से शहर में विकास कार्यों के टेंडर अलॉट नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण करीब 2 से 3 करोड़ रुपये के टेंडर रुके हुए हैं। शहर में कई वार्डों में सड़कें, गलियां व नालियां खस्ताहाल में हैं। हुडा सेक्टर 19 व 20 सहित मॉडल टाउन की सड़कों की बड़ी समस्या है। सड़कों की मरम्मत न हो पाने के कारण मुख्यमंत्री के लिए विज्ञापन बनाने सहित प्रचार का काम देख रहे भाजपा के स्टार प्रचारक रहे रॉकी मित्तल ने बुधवार को डीसी एवं एसडीएम से मिलकर विकास कार्यों की मांग की। साथ ही नगर परिषद के ईओ के प्रति रोष जताया।
करीब दो माह पहले पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट पार्षदों ने उन्हें बहुमत के साथ पद से हटा दिया था। इसके बाद से कांग्रेस समर्थक डॉ. पवन थरेजा को कार्यकारी प्रधान के तौर पर कार्यभार दिया गया। हालांकि यशपाल प्रजापति के समय से ही जीएसटी सहित अन्य कारणों से करोड़ों रुपये के टेंडर लंबित थे। लेकिन उनके हटने के बाद भी ये टेंडर अलॉट नहीं हो पाए।
रॉकी मित्तल के वार्ड की हालत खस्ता : रॉकी मित्तल ने बुधवार को डीसी एवं एसडीएम से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मॉडल टाउन सहित उनके वार्ड में सड़कों, पेयजल एवं लाइटों की बड़ी समस्या है। उनके भाई के पार्षद होने के बावजूद यहां विकास कार्य नहीं हो रहे। आज एक सरपंच पार्षद से ज्यादा मजबूत है। वह अपने गांव में विकास तो करवा लेता है। लेकिन पार्षद ये भी नहीं करवा पा रहे। लोग समस्याओं के लिए मिलते हैं, पार्षद काम न होने के कारण मजबूर हैं। ईओ नगर परिषद कहते हैं कि मंत्री जी ने काम करवाने से मना किया है। अब वे पूछना चाहते हैं कि कौन से मंत्री जी हैं, जो काम करवाने से रोक रहे हैं। वे भाजपा के मंत्री हैं या फिर कांग्रेस के पूर्व मंत्री। इन शिकायतों पर डीसी सुनीता वर्मा ने मित्तल को बताया कि मॉडल टाउन सहित हुडा सेक्टर 19 व 20 के लिए 5 करोड़ रुपये के कार्यों की प्लानिंग करके मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया है। जैसे ही बजट स्वीकृत होता है, काम शुरू कर देंगे।
वहीं एसडीएम कमलप्रीत कौर ने मॉडल टाउन में कचरा डालने के लिए जगह देने एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
ईओ विक्रम सिंह ने कहा कि तीन बार टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। जिसमें गलियों, नालियों व सड़कों के काम हैं। कोई ठेकेदार टेंडर नहीं भर रहा। करीब 2 से 3 करोड़ रुपये के टेंडर अटके हुए हैं। रॉकी मित्तल से उनकी काम रोके जाने जैसी कोई बात नहीं हुई।
यहां खस्ताहाल हैं सड़कें : हुडा सेक्टर 19, 20, माता गेट से चीका बाईपास जाने वाली सड़क, पुराने सरकारी अस्पताल के सामने वाली सड़क, ढांड रोड से विश्वकर्मा चौक को जाने वाली सडक़, प्योदा रोड पुराना बाईपास, नया बस स्टैंड के सामने, देवीगढ़ रोड सहित शहर की अन्य कई इस प्रकार की सड़कें हैं, जहां गड्ढों के कारण वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पुराने बस अड्डे पर बन रहा सिटी स्कवॉयर, भाई उदय सिंह किले के पास बन रही पार्किंग के कार्य भी सालों से लटके पड़े हैं।
कई पार्षदों में भी रोष : वार्ड नंबर 29 के पार्षद बिल्लू ने कहा कि उनके वार्ड में एक भी सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहा। वे यह जांच करवाएंगे कि उनके वार्ड के लिए नियुक्त सफाई कर्मचारी आखिर कहां काम कर रहे हैं।
प्रशासन चेयरमैन का चुनाव करवाने को तैयार, पार्षदों के गुट नहीं चुन पा रहे हैं नेता : प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन कैथल नगर परिषद के चेयरमैन पद के लिए चुनाव करवाने को तैयार है। लेकिन पार्षदों के गुट ही चुनाव करवाने के लिए तैयार नहीं हैं। क्योंकि न तो विरोधी खेमा और न ही सत्तापक्ष चेयरमैन के लिए किसी एक पार्षद के नाम पर सहमत हो पा रहा है। कांग्रेस समर्थक एवं भाजपा के बागी हुए 13 पार्षदों के गुट में भी कई पार्षदों की इच्छा है कि चेयरमैन के लिए उनके नाम को आगे बढ़ाया जाए। वहीं इन 21 पार्षदों में फूट की आस लगाए चेयरमैन यशपाल प्रजापति गुट के भी कई पार्षद खुद के लिए चेयरमैनी का रास्ता साफ मान रहे हैं। एकमत न होने के कारण चुनाव के लिए तिथि तय नहीं हो पा रही। हालांकि प्रशासन को 6 माह के भीतर-भीतर चेयरमैन के चुनाव के लिए बैठक बुलानी होगी।
पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि शहर में रुके हुए विकास कार्य पूरे हों। सभी 21 पार्षद एकजुट हैं। जल्द ही किसी एक पार्षद के नाम पर चेयरमैनी के लिए सहमति बनाई जाएगी। इस बारे में विचार-विमर्श चल रहा है।
कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा की ओर से पार्षद मोहन लाल शर्मा ने बताया कि जल्द ही सभी वार्डों में 3 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के टेंडर अलॉट किए जाएंगे। शहर में विकास की गति को तेज करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से मांग करते हैं कि पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के कल्याण के लिए कैथल नगर परिषद को तत्काल प्रभाव से 10 करोड़ रुपये की ग्रांट दे।
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति का कहना है कि कांग्रेसी नेता शहर में विकास कार्य नहीं चाहता। पूर्व में काफी कामों को मंजूरी दी थी। इन कार्यों पर काम भी शुरू नहीं हो पा रहा। जिस कारण लोग परेशान हैं। वे शहर के विकास के लिए हर संभव सहयोग के लिए तैयार हैं। बस शहर में विकास कार्य नहीं रुकने चाहिए।
- चेयरमैन की कुर्सी विवाद में विकास कार्यों को लगा झटका, कई वार्डों में सड़क, स्ट्रीट लाइट व पेयजल की समस्या
फोटो संख्या-20, 21, 22, 23, 24 व 25