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डा. पवन थरेजा रहेंगे नगर परिषद में कार्यकारी चेयरमैन

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नगर परिषद में घमासान जारी, चेयरमैन की नेमप्लेट उतरवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद में घमासान जारी है, असंतुष्ट खेमे ने शुक्रवार को परिषद कार्यालय में पहुंच कर काम-काज जांचा और करीब 20 लाख रुपये के चेक रुकवा दिए। जिनके माध्यम से भुगतान किया जाना था। साथ ही असंतुष्ट खेमे ने यहां पिछले दिनों में हुए कार्यों की भी जानकारी हासिल की और कर्मचारी को बुलाकर यशपाल प्रजापति के नाम की प्लेट को उतरवा दिया। दूसरी ओर यशपाल प्रजापति खेमे ने भी बैठक की। जिसमें पूर्व चेयरमैन ने सभी 9 पार्षदों का आभार जताया। इधर, यशपाल प्रजापति के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद वाइस चेयरमैन डा. पवन थरेजा अब परिषद की बागडोर संभालेंगे। चेयरमैन के चुनाव तक वे कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे। वे शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।
वीरवार को पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद यशपाल प्रजापति को चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह वाइस चेयरमैन डा. पवन थरेजा, नरेश मित्तल, कुलदीप कुमार, पार्षद प्रतिनिधि संजय गर्ग, प्रतिनिधि प्रवीण सिंगला, पार्षद मोहन लाल शर्मा, वीरेंद्र बिल्लू, संजय भौरिया, सरदार हरजिंद्र सिंह, महेंद्र थरेजा नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां परिषद में पिछले दिनों हुए कामों की जांच की। सूत्रों ने बताया कि पार्षदों ने करीब 20 लाख रुपये के चेकों के माध्यम से होने वाला भुगतान भी रुकवा दिया। साथ ही यशपाल प्रजापति के चेयरमैन लिखी हुई नेम प्लेट को कर्मचारी को बुलाकर उतरवा दिया। इसके बाद विरोधी खेमे के पार्षदों ने आईजी सुभाष यादव से मिलकर पार्षद विनोद सोनी पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की। पार्षद मोहन लाल शर्मा ने बताया कि डा. पवन थरेजा शनिवार को पदभार ग्रहण करेंगे।
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तीन तीर्थों पर जाकर करेंगे माता का शुकराना
एक पार्षद ने बताया कि असंतुष्ट पार्षदों ने काली माता मंदिर पटियाला, मनसा देवी माता मंदिर चंडीगढ़ व त्रिलोकपुर स्थित माता मंदिर में पूजा अर्चना की थी। अब एक-दो दिन में तीनों मंदिरों में जाकर सभी पार्षद शुकराना करेंगे। इसी यात्रा में चेयरमैन के नाम पर सहमति हो सकती है। फिलहाल बबिता मित्तल, नरेश मित्तल, विनोद सोनी, संतोष भोला के अलावा दो-तीन अन्य नाम हैं। जिनके चेयरमैन बनने की शहर में चर्चाएं चल रही हैं।
प्रजापति गुट ने की बैठक, सीएम से मिलने का लिया फैसला
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति गुट के 10 पार्षदों की भी बैठक हुई। जिसमें यशपाल प्रजापति ने सहयोग के लिए सभी 9 पार्षदों का आभार जताया। साथ ही प्रजापति ने कहा कि वे अब चेयरमैन पद के उम्मीदवार नहीं बनेंगे। बैठक में फैसला लिया गया कि शीघ्र ही पार्षद मुख्यमंत्री से मिलेंगे और पूरे प्रकरण की जानकारी उन्हें देंगे। 20 अगस्त को एक कैबिनेट स्तर के मंत्री इस मामले में कैथल का दौरा भी कर सकते हैं।
महागठबंधन ने हराया प्रजापति को
पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने कहा कि यशपाल प्रजापति को भाजपा के कुछ अपनों के अलावा कांग्रेस, इनेलो, बसपा के महागठबंधन ने हराया है। कांग्रेसी नेता को शहर का विकास रास नहीं आ रहा था। जिस कारण यह साजिश रची गई। सीएम से मिलकर उन पार्टी विरोधी पार्षदों को पार्टी से निकालने की मांग की जाएगी, जिन्होंने संगठन विरोधी काम किया है। अब असंतुष्ट खेमे में चेयरमैनी के लिए कारों तक ऑफर की जा रही हैं। क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि वाइस चेयरमैन ही चेयरमैन की नियुक्ति तक परिषद का काम काज संभालेंगे। इस बारे में विशेष रुप से पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं है। वे पदभार ग्रहण कर सकते हैं।
अग्रवाल वैश्य समाज के पार्षद को मिले चेयरमैन का पद: धर्मवीर गर्ग
कैथल। अग्रवाल सभा कैथल के चेयरमैन व समाज के प्रदेश प्रवक्ता धर्मवीर गर्ग केमिस्ट ने सरकार व सभी विपक्षी पार्टियों से पत्र के माध्यम से मांग की है कि कैथल नगरपरिषद में अग्रवाल समाज के पार्षद को चेयरमैन बनाया जाए। अविश्वास मत के दौरान हुए घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए धर्मवीर ने कहाकि लोकतंत्र में यह अशोभनीय एवं चिंताजनक है। क्योंकि प्रशासन की ओर से चुनाव निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण करवाना बेहद आवश्यक है। चेरयमैन पद को लेकर अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानी वाला की अध्यक्षता में अंबाला में 3 सितंबर को होने वाली समाज की प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में भी विशेष रूप से विचार विमर्श किया जाएगा।
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पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में
पिछले कुछ समय से कैथल पुलिस को कुछेक संख्या में यदि लोग सडक़ दिख जाएं तो जाम लगाने के आरोप में केस दर्ज किया जाता है। लेकिन वीरवार को परिषद के बाहर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को नहीं बख्शा गया। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। आखिर आम जनता के साथ पुलिस का दोहरा रवैया क्या सरकार को नजर नहीं आ रहा ? भाजपा के नेता राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बवाल मचाने व पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने के मामले में पुलिस कप्तान को देखना चाहिए कि उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
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