आचार्य देवव्रत ने किया प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
सेरहधा के सामान्य चौपाल चौक में किया जनसभा को संबोधित
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अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों का आह्वान किया कि सभी किसान प्रकृति से जुड़े और प्राकृतिक खेती को अपनाएं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, पर्यावरण शुद्ध होगा, जल संरक्षित होगा, गाय का संरक्षण होगा, हमारा स्वास्थ्य अच्छा होगा तथा किसान की आमदनी दोगुणा होगी। किसान जहर मुञ्चत खाद्यान्न उत्पन्न करें तथा फैमिली किसान बनें। गुरूकुल कुरूक्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण किया गया है, जहां पर हर रोज 100 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देने की सुविधा होगी।
महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत सेरधा गांव स्थित सामान्य चौपाल चौक में आयोजित जीरो बजट प्राकृतिक खेती एवं नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम में बतौर मुक्चयातिथि उपस्थिगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में 40 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी वास्तविक पूंजी हैं, जो आज नशे की गिरक्रत में फंस चुके हैं। नशा एक बार खून में मिलने से इसकी आदत आसानी से नही छूट पाती। सभी माता-पिता अपने बच्चों पर पूरी निगरानी रखें तथा उनकी संगत के बारे में भी जरूर ध्यान दें। फाउंडेशन द्वारा महामहिम राज्यपाल का पगड़ी पहनाकर नागरिक अभिनंदन किया गया तथा आचार्य देवव्रत द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यञ्चितयों को सक्वमानित किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक मास्टर जोगी राम, दीन बंधु फाउंडेशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल, महामहिम राज्यपाल के एडीसी मेजर रोहन मुंशी, प्रेस सचिव जयंत शर्मा, राधा कृष्ण आर्य, राजौंद नगर पालिका की चेयरपर्सन गुड्डी राणा, सरदार गज्जन सिंह, परमवीर, बंसीलाल, वीरेंद्र छौत, नरेंद्र जुलानी खेड़ा, दिलबाग सिंह, अधिवञ्चता राजेश, बलजीत ढुल, सरपंच प्रतिनिधि फूल कुमार ढुल, रामभज बालू, राजेंद्र बाखली, सुखबीर, नीरज कुंडु, नरेश ढुल, सुभाष ढांडा, ज्ञानी, धर्मपाल मलिक, रोहताश, चांदी राम, अरूण राणा, गुरनाम, राजेश बिढ़ान, बलकेश, कृष्ण सिसला, साहब सिंह, रमेश सरपंच, जगबीर चौपड़ा, दीपक कथुरिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।