16 एमएम बरसा पानी, गेहूं की फसल के लिए लाभदायक, सब्जियों मेें हो सकता है नुकसान
बुधवार को पूरे दिन रुक-रुक के जारी रही बारिश, शहर मेें जलभराव की स्थिति
जहां पहले से की हुई है सिंचाई, वहां गेहूं की फसल के लिए भी हो सकता है नुकसान
बारिश के कारण तापमान में गिरावट, न्यूनतम तापमान गिरा, 16 अधिकतम व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
देर शाम तक जारी है बारिश
16 से 20
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दिनभर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर में मुख्य मार्गों पर ही घुटनों तक पानी जमा हो गया। जिस कारण विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम तक करीब 16 एमएम बारिश हुई। वहीं देर शाम तक भी बारिश जारी थी। हालांकि बारिश को गेहूं की फसल के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। लेकिन जिस फसल में पहले ही सिंचाई हो चुकी है, वहां गेहूं में भी नुकसान होने संभावनाएं हैं। सब्जियों की फसल में पानी व ठंड के कारण नुकसान होगा।
मंगलवार शाम को ही मौसम में परिवर्तन हो गया था। इसके बाद रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद बुधवार सुबह करीब नौ बजे बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक जारी रही। कभी तेज तो कभी रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण दिन में सभी निचली बस्तियों में पानी भर गया।
शहर में बारिश के कारण हिंदू स्कूल रोड, कबूतर चौक के आस-पास का क्षेत्र, अंबाला रोड, गोशाला रोड, करनाल रोड, माता गेट, प्रताप गेट, रेलवे अंडर ब्रिज, अनाज मंडी सहित शहर में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। यहां कई लोगों की बाइक व गाड़ियां सड़क के बीचों-बीच थमी हुई नजर आई। स्कूली विद्यार्थी व वाहन चालक बाइक घसीटते हुए पानी के बीचों-बीच जाते नजर आए। पूरे दिन शहर में करीब 16 एमएम बारिश हुई। लोगों ने शहर से पानी निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठाए। छुट्टी के समय विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कृषि महाविद्यालय कौल के प्रिंसिपल डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। यदि सिंचाई पहले कर दी है तो उसमें नुकसान हो सकता है। किसान पानी जमा न होने दें। इसके अलावा सब्जियों में इस बारिश से नुकसान हो सकता है।