शुगर मिल में चिप घोटाला : सुनवाई न करने का आरोप लगा एसपी की गाड़ी के आगे लेटे भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी, दो घंटे तक किया प्रदर्शन
कहा- भाजपा नेताओं को अंदर बैठाकर पिलाते हैं चाय, किसानों से की गुस्से में बात
एसपी ने कहा- मुझे खाना खाने का तो दे दो समय... अपना टिफन भी यहां लेकर आता हूं
दो घंटे प्रदर्शन के बाद कार्यालय से नीचे उतरना पड़ा एसपी को
फोटो नंबर 4,5, 6
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में चिप घोटाले की जांच के मामले में एसपी पर सुनवाई न करने व किसानों के साथ तैश में बात करने का आरोप लगाकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भड़क उठे और लघु सचिवालय में दो घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया। किसान नेता व किसान सचिवालय में प्रवेश द्वार पर खड़ी एसपी की गाड़ी के चारों ओर लेट गए। डीएसपी ने कई बार मनाने का प्रयास किया। लेकिन बाद में एसपी ने खुद नीचे आकर किसानों से बात की। एसपी ने कहा कि वे अपने खाने का टिफन भी कार्यालय में लेकर आते हैं। उन्हें खाने का समय तो दे देते। वे तैश में नहीं आए थे। एसपी ने चिप घोटाले मामले में शीघ्र जांच पूरी करने के आश्वासन दिया इसके बाद किसान वापस लौट गए।
उधर, जब एसपी की किसानों के साथ नोक-झोंक हो रही थी उस समय भाजपा नेता एसपी कार्यालय मेें मौजूद थे। किसान नेताओं ने भाजपा के संगठन पदाधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के मामलों में किसानों का साथ न देने का आरोप लगाया।
सोमवार सुबह भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी किसान नेता रणदीप सिंह आर्य, गुलतान सिंह नैन, महावीर, राजबीर, विक्रम, पाला राम उपाध्यक्ष, राजिंद्र, प्रदीप, जसवंत चिप घोटाले की जांच की मांग को लेकर एसपी से मिलने के लिए उनके कार्यालय में पहुंचे थे। जहां काफी देर इंतजार के बाद जब किसानों का नंबर आया। किसान नेता रणदीप आर्य ने बताया कि जैसे ही किसानों ने एसपी कार्यालय में रखी कुर्सियों पर बैठना चाहा तो एसपी ने तैश में आकर कहा कि तुम चिल्ला क्यों रहे हो? तो उन्होंने एसपी के रवैये का विरोध करते हुए सवाल किया किसानों के साथ तैश में क्यों बात कर रहे? इसके बाद किसान एसपी कार्यालय से बाहर निकल आए और नीचे जाकर धरना शुरू कर दिया।
किसानों ने एलान कर दिया कि एसपी जब तक उनकी बात नहीं सुनते, तब तक उनकी गाड़ी को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। जैसे ही चालक ने गाड़ी को चलाना चाहा तो किसान उसके चारों ओर लेट गए। इसके बाद डीएसपी रामकुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी किसानों को मनाने के लिए आए। लेकिन किसानों ने किसी की नहीं सुनीं और कहा कि जब तक खुद एसपी उनकी बात सुनने नहीं आते और माफी नहीं मांगते, तब तक धरना खत्म नहीं करेंगे। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद एसपी नीचे आए और कहा कि उनका किसानों से गुस्सा होने का कोई इरादा नहीं था।
एसपी से किए सीधे सवाल : किसानों ने एसपी वसीम अकरम के सामने सवाल उठाए कि जांच के मामले में लीपापोती क्यों की जा रही है? किसानों से बात करते समय तैश में क्यों आए? सीएम को आपने खुद 8 दिन का समय दिया था तो अब तक 11 दिन बाद भी जांच क्यों नहीं हो पाई?
एसपी ने कहा कि जांच चल रही है और ऐसी जांच में समय लगता है। किसान चाहें तो एसआईटी के कर्मचारी व अधिकारी बदल दें। लेकिन किसानों ने उसे ठुकरा दिया और कहा कि यही कर्मचारी एसआईटी में रहें और जल्द अपनी जांच पूरी करें। एसपी ने कहा कि चिप को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। परिणाम आते ही इस मामले में संलिप्त लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भाजपा पदाधिकारियों पर किसान संघ बरसा, कहा- भ्रष्ट अधिकारियों के साथ खड़े दिख रहे हैं भाजपा के पदाधिकारी : जब किसान प्रतिनिधियों व एसपी के बीच नोक-झोंक चल रही थी तो उस समय भाजपा के जिले के पदाधिकारी एसपी के साथ बैठकर चाय पी रहे थे। किसान संघ के नेता रणदीप आर्य ने कहा कि भाजपा के जिले के संगठन के पदाधिकारी पूर्व के कई ऐसे पदाधिकारियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। सीएम से शिकायत देते समय और सोमवार को एसपी को शिकायत देते समय भाजपा के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। लेकिन उन्होंने समाज, किसानों की बात सुनने व उनकी सुनवाई करने के लिए अधिकारियों को कहने की बजाए चुप्पी साध ली। जिससे उन्हें आशंका है कि भाजपा के पदाधिकारी भ्रष्ट अधिकारियों की ओर खड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसकी किसान संघ कड़ी आलोचना करता है।
संगठन के पदाधिकारी लंच के समय आए थे। उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। एसआईटी की जांच चल रही है। उनकी बात सुनी गई। जांच में जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वसीम अकरम, एसपी