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204 में से 114 पद खालीं...130 बसों की मुरम्मत का जिम्मा 90 कर्मचारियों के भरोसे

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कार्यशाला में 114 पद खालीं, हर रोज खराब होती है 5 से 6 बसें, आईटीआई के विद्यार्थियों की ट्रेनिंग के सहारे रोडवेज वर्कशाप
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- 130 बसों की मरम्मत का जिम्मा 90 कर्मचारियों के भरोसे, तकनीकी विशेषज्ञों की कमी के कारण खराब हुई बसों के नहीं घूमते पहिए

फोटो नंबर-9 व 10
कमल बहल
कैथल। रोडवेज वर्कशॉप में पिछले 24 सालों से कोई नियमित भर्ती न होने के कारण कर्मचारियों की संख्या घटती जा रही है। जिला मुख्यालय स्थित डिपो में 204 में से 114 पद खाली पड़े हुए हैं। महज 90 कर्मचारी 130 बसों की मरम्मत सहित अन्य कार्य देख रहे हैं। जिस कारण हर रोज 5 से 6 बसें कार्यशाला में खड़ी रहती हैं। तकनीकी विशेषज्ञों के कमी के कारण यहां कई दिनों तक बसें यहां खड़ी रहती हैं। जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी कठिनाई होती है। कैथल रोडवेज का पहिया आईटीआई के विद्यार्थियों की ट्रेनिंग के सहारे चल रहा है।
पिछले 25 वर्षों के बाद नहीं हुई कोई भर्ती : हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव पहल सिह तंवर ने बताया कि रोडवेज में अंतिम बार वर्ष 1993 में कार्यशाला कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, इसके बाद अब तक रोडवेज कर्मशाला में नए कर्मचारी भर्ती नहीं किए गए। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए आईटीआई से 60 छात्रों को कार्यशाला में ट्रेनिंग तौर पर लगाया गया है। जैसे ही अप्रेंटिस की ट्रेनिंग पूरी होगी, ये छात्र भी यहां से काम की तलाश में बाहर चले जाएंगे। रोडवेज कर्मियों ने कहा कि विभाग को इतने कम वेतन में काम करने के लिए कर्मचारियों की जगह युवा मिल जाते हैं, इसलिए सरकार पक्के कर्मियों की भर्ती नहीं कर रही। यदि सरकार रोडवेज की तरफ से लोगों को बेहतर सुविधाएं देना चाहती है, तो ज्यादा से ज्यादा नियमित कर्मियों की भर्ती करे।
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कार्यशाला कर्मचारियों के 110 पद रिक्त : कैथल डिपो में कार्यशाला कर्मचारियों के करीब 110 पद रिक्त हैं। डिपो में रोडवेज विभाग द्वारा कार्यशाला कर्मचारियों के कुल 204 पद स्वीकृत किए गए हैं। डिपो में वर्तमान में काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या 90 है, जबकि रिक्त पद 110 से ज्यादा हैं। कार्यशाला में अप्रेंटिस के तौर पर करीब 57 आईटीआई छात्र लगे हुए हैं।
वर्कशॉप के कर्मचारियों की स्थिति : डिपो में कुल मैकेनिक स्वीकृत पद 46 है जिसमें से केवल 35 मैकेनिक कार्यरत है। जबकि 11 पद खाली है। इलेक्ट्रीशियन के स्वीकृत पद 7 है जिसमें इसमें केवल 4 इलेक्ट्रीशियन तैनात हैं। कारपेंटर का एक पद खाली है। पेंटर के दो पद खाली है। अपहोल्डर के दो पद खाली है। असिस्टेंट मैकेनिक के 20, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन के 8, असिस्टेंट ब्लैकस्मिथ के 4, असिस्टेंट वेल्डर 2, असिस्टेंट टायरमैन 5 व इसी प्रकार से सहायक की पोस्टों में हेल्पर के 40, स्टोरमैन 1 पद खाली है।
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कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञों व अन्य कर्मचारियों की कमी है। इसके लिए कुछ कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर विचार चल भी रहा है। कुछ कर्मचारियों की डिमांड को विभाग की ओर से भेजा गया है। सरकार इस भर्ती प्रक्रिया पर कार्य कर रही है।
रामकुमार भुक्कल, जीएम, रोडवेज, कैथल।
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