ग्रामीण डाक सेवकों को 7वें वेतन आयोग का लाभ न देना इनका शोषण करना है
कलायत। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा अपनी एकमात्र मांग को लेकर की जा रही हड़ताल 8वें दिन में प्रवेश कर गर्ई। डाक सेवकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के चलते ग्रामीण अंचल में डाक सेवा पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्रामीण डाक सेवकों का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा एक हांडी में दो पेट करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब नियमित कर्मचारियों को जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जा रहा है तो उन्हें इस लाभ से अब तक भी वंचित क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों की सही मांग है कि उन्हें भी 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी यह मांग नहीं मानी जाती तब तक उनकी हड़ताल यूं ही जारी रहेगी। इस मौके पर रामपाल शर्मा, चंद्रभान शर्मा, जोगीराम सांघन, रामफल मटौर, रामफल सजूमा, छज्जू राम ढुंढवा, अनिल शिमला, सुशील शर्मा, चांदीराम बालू, दलेल ङ्क्षसह रामगढ़ पांडवा, नफे ङ्क्षसह बडसीकरी, राजपाल चौशाला, साधू राम चौशाला, धनङ्क्षसह बडसीकरी, सुरेश कैलरम, ऋषिपाल बात्ता, दूर्गादास कैलरम, बलकार ङ्क्षसह कलासर, महावीर प्रसाद मंडी, अमरदीप शिमला व सुमन कौलेखां सहित सभी डाक सेवक मौजूद रहे।