मुख्यमंत्री की घोषणा के दो साल बाद पहुंचेगा सूर्यकुंड में पानी, बढ़ेगी झील की सुंदरता
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर के माता गेट स्थित सूर्यकुंड मंदिर में स्थित सूरजकुंड तालाब में अब जल्द ही पानी पहुंचेगा। सीएम ने दो साल पहले आयोजित हुई रैली में इसके लिए घोषणा की थी। इसके बाद यह मसला कई विभागों में उलझा हुआ था। आखिरकार जनस्वास्थ्य विभाग को यह परियोजना सौंपी गई। अब परियोजना के तहत खुदाई का काम महज एक किलोमीटर तक पूरा होना शेष रह गया है। कैथल माइनर से यहां पानी लाया जा रहा है। शीघ्र ही महाभारतकालीन इस झील में पानी आ जाएगा।
शीतला माता मंदिर व बाजीगर समाज की कुलदेवी का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व का मंदिर : सूर्यकुंड तीर्थ के महंत राजेश्वरपुरी महाराज बताते हैं कि सूर्यकुंड महाभारतकालीन तीर्थ है। यहां पर महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने शहर में जो नवग्रह कुंड स्थापित करवाए थे, उनमें से यह एक है। यहां पर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, सूर्यकुंड मंदिर के अलावा शीतला माता मंदिर है। साथ ही बाजीगर समाज की कुलदेवी मां का भी यहां पर मंदिर स्थित है। ऐतिहासिक तीर्थ के बीचों-बीच प्राचीन काल में मां मनसा देवी का मंदिर था। जिसका अब पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
कैथल माइनर से पहुंचेगा पानी : महाभारत कालीन सूरजकुंड तालाब में गांव खानपुर के समीप स्थित कैथल माइनर से पानी लाया जाएगा। जिसके लिए माइनर से लेकर कैथल तक विभाग द्वारा पाइप लाइन डाली जा रही है। लगभग 4 किलोमीटर के पाइप लाइन डालने का 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। जो कैथल शहर में अर्जुन नगर गली नंबर दो तक पहुंच गया है। अगले 15 से 20 दिनों तक माता गेट स्थित कुंड में पूरा हो जाएगा।
करीब एक करोड़ रुपये की आएगी लागत : ठेकेदार राकेश चहल ने बताया कि कैथल माइनर से लेकर माता गेट स्थित सूरजकुंड तक पाइपलाइन डालने के कार्य पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा।
पानी आने से बढ़ेगी झील की सुंदरता : सूरजकुंड तालाब में पानी के पहुंचने के बाद यहां स्थित झील की सुंदरता बढ़ेगी। झील के बीचों-बीच माता का एक भव्य मंदिर का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इस भव्य मंदिर से झील की सुंदरता को चार चांद लग जाएंगे।
शहर में बढ़ेगा एक दर्शनीय स्थल : शहर में एक दर्शनीय स्थल भी बढ़ेगा। हालांकि अभी भी यहां काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। महंत राजेश्वरपुरी महाराज की देखरेख में तैयार वाटिका में करीब एक हजार से अधिक प्रकार के फूल लगे हैं। लोग सुबह-शाम यहां घूमने आते हैं। इस तालाब में पानी आ जाने के बाद यह एक भव्य दर्शनीय स्थल के तौर पर विकसित होगा।
जल्द होगा कार्य पूरा :
सरकार द्वारा इस कार्य को जल्द पूरा करने के आदेश हैं। जिस पर विभाग की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस सूरजकुंड तालाब का एक एतिहासिक महत्व है। इस पर जल्द ही कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।
एके पाहवा, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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