फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री के समारोह में लोगों की घटती-बढ़ती लोगों की संख्या से बदलती रही नेताओं के दिलों की धड़कनें

विज्ञापन
विज्ञापन
लोगों की घटती-बढ़ती संख्या से बदलती रही नेताओं की धड़कने, भंडारा ढूंढते रहे लोग
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस लाइन मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय संत रविदास जयंती समारोह में बनाए गए पंडाल में कुर्सियों पर घटती-बढ़ती संख्या नेताओं की धड़कने बढ़ाती रहीं। रैली में सुबह 11 बजे का समय होने के चलते लोगों का आगमन शुरू हो गया था। लेकिन दोपहर 1 बजे तक भी पीछे के कई सेक्टर खाली पड़े थे। वहीं पंडाल के दाईं ओर के सेक्टर भी खाली पड़े थे। 1 बजे के बाद भीड़ जुटना शुरू हुई। काफी सारे लोग पंडाल के बाहर घूमते रहे।
करीब 1 बजकर 26 मिनट पर मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पंडाल के ऊपर से गुजरा तो लोग पंडाल की ओर आना शुरू हो गए। तब तक भी पीछे के कई सेक्टर खाली पड़े थे। वहीं पंडाल के सबसे पहले सेक्टर में महिलाओं की सीटें भी नहीं भरी थीं। मुख्यमंत्री 1 बजकर 28 मिनट पर कैथल पहुंच गए थे। लेकिन 2 बजकर 39 मिनट पर पंडाल में आए। तब तक आगे के सेक्टर में बैठी महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। वे उठकर बाहर जाने लगीं। मुश्किल से भाजपा कार्यकर्ता उन्हें रोकते नजर आए और कहते रहे कि अभी मुख्यमंत्री जी आ जाएंगे। लेकिन महिलाएं नहीं रुकीं। मुश्किल से महिलाओं को पुरुष वाले सेक्टर में रोका गया। इसके बाद जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला भाषण दे रहे थे तो फिर महिलाएं उठकर जानें लगीं वहीं पंडाल खाली होता देख कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। जब तक मुख्यमंत्री ने 3 बजकर 18 मिनट पर बोलना शुरू किया तब तक सबसे पहले सेक्टर में से भी महिलाएं उठकर जा चुकी थीं। यहां काफी कम संख्या में महिलाएं बचीं थीं। इसी तरह पीछे के कई सेक्टरों में काफी कुर्सियां खाली हो गई थीं। मुख्यमंत्री ने करीब 22 मिनट तक भाषण दिया।
विज्ञापन

कैथल पहुंचने व मंच पर मुख्यमंत्री के पहुंचने में करीब सवा घंटे की देरी के बीच काफी संख्या में लोग पंडाल से जा चुके थे। हालांकि बाद में पता चला कि मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे देरी से पंडाल में पहुंचे।
विज्ञापन

पंडाल के बाहर नमकीन व गुलदाने का प्रसाद भी था, लेकिन लोग भंडारा ढूंढते रहे। दोपहर बाद पंडाल में पहुंचे मुख्यमंत्री के चलते उनका संबोधन भी लेट हो गया। जिस कारण महिलाएं व अन्य लोग भूख के चलते पंडाल से उठ गए और बाहर भंडारा ढूंढते नजर आए। लेकिन आयोजन स्थल पर भंडारे का आयोजन नहीं था।


- मुख्यमंत्री के समारोह में 1 बजे तक भी आधे से ज्यादा खाली था पंडाल, बाद में कुछ ब्लॉक भरे तो मुख्यमंत्री के भाषण तक उनमें से भी कई खाली हुए
- लोग बीच में उठकर जाते रहे कार्यक्रम से, आयोजन में भंडारा ढूंढते रहे लोग
फोटो संख्या-4
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें