अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/राजौंद।
सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि मैं हरियाणा में अब राजनीतिज्ञों की दादागिरी नहीं चलने दूंगा। जिन्होंने राजनीति को अपनी बपौती समझ रखा है। गांव सेरहधा में कुछ लोगों ने बहका कर भाईचारे को खराब करने का प्रयास किया था, उसी तनाव को दूर करने के लिए गांव में हूं। मंगलवार को गांव सेरहधा में सांसद राजकुमार सैनी ने कड़ी सुरक्षा के बीच नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इसी गांव में सितंबर माह में सांसद के कार्यक्रम से पूर्व लोगों ने टेंट को उखाड़ दिया था। प्रशासन ने सांसद को नजरबंद कर कार्यक्रम स्थगित करवा दिया था।
मंगलवार को 5 माह बाद फिर से गांव में पहुंचे सांसद राजकुमार सैनी का लोगों ने स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा जला। भविष्य में ऐसी कोई बात ना हो। वे इसके लिए पूरे प्रदेश में जा रहे हैं। उनकी पांच बातें हैं। यदि उसमें किसी जाति का विरोध हो तो बताएं। सांसद ने कहा कि जातीय संघर्ष के बीज पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बोए। अब वे उनका फल भुगत रहे हैं। ओमप्रकाश चौटाला भी लोगों को कहते थे कि पैसे की मशीन को गांव में रख दूंगा और अब कहते हैं कि पीढ़ियों का जुगाड़ कर दूंगा। इन नेताओं ने अपनी पीढ़ियों का जुगाड़ जरूर कर लिया है। बाकियों के हालात आपके सामने हैं। एक किसान, जिसमें प्रदेश के जाट भाई ज्यादा हैं, पूरा परिवार जुटकर खेत में कमाता है। जबकि कुछ परिवार पूरे प्रदेश का माल लूट रहे हैं। वे इसी समानता की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिन प्रदेशों में जिस वर्ग की सरकारें ज्यादा रहीं, उन्हीं में आरक्षण की मांग उठी।
सांसद ने ये पांच बातें रखीं:-
1. देश में जिस जाति की जितनी संख्या, उसी अनुसार सरकारी नौकरियों व अन्य लाभ में आरक्षण दे दें तो आरक्षण की समस्या ही खत्म हो जाएगी।
2. एक परिवार-एक रोजगार। एक व्यक्ति को 1 लाख का रोजगार देने की बजाए 10 लोगों को 10-10 हजार का रोजगार दिया जाए।
3. हम दो-हमारे दो। हिंदू, मुसलमान या कोई भी जाति हो। जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है।
4. मनरेगा को किसान से जोड़ दिया जाए। 250 रुपये मनरेगा मजदूरी सरकार दे, 250 किसान दे। अपने खेत में मजदूरों से काम लें। किसान की मजदूरी लागत कम हो जाएगी, मजदूर को 100 की बजाए 300 दिन का रोजगार मिल जाएगा।
5. राज्यसभा खत्म हो। 6 साल के लिए राज्यसभा का सांसद बिना चुनाव लड़े बनता है। मैं लोकसभा चुनाव जीतकर गया, चपरासी भी ना लगा सकूं, लेकिन राज्यसभा वाले सीएम इधर से उधर कर देते हैं। अब यहां काले अंग्रेज राज कर रहे हैं।
सांसद ने हाथ उठवाकर पूछा- क्या इन बातों में किसी जाति का विरोध है तो लोगों ने नहीं में जवाब दिया।
ये किए वादे :
1. 2019 की लड़ाई जनता के आशीर्वाद से उक्त मुद्दों को लेकर लड़ाई लडू़ंगा। सभी को पूरा करके दिखाऊंगा।
2. प्रदेश की राजनीति को अपनी बपौती मानने वालों की दादागिरी बंद होगी। सभी को विकास का समान अवसर मिलेगा।
3. सभी को रोजगार मिलेेगा। ज्यादा नहीं तो थोड़ा-थोड़ा।
4. गांव में कम्यूनिटी हाल के लिए 10 लाख रुपये की ग्रांट देने का एलान किया
गांव सेरहधा के लिए ये बोले सांसद : मैं कोई और नहीं आपके बीच से ही हूं। आप और हम एक ही हैं। मैं भी किसान का बेटा हूं। आप भी हरियाणा के धरती पुत्र हैं। आपको नमस्कार। किसी को गलत बोला हो तो 100 बार माफी मांगने को तैयार। लेकिन अपने नेताओं को भी समझाएं। जो सभी मंचों से गालियां देते हैं। मैं केवल प्रदेश में समानता के लिए गालियां खा रहा हूं। बस उन परिवारों का विरोध कर रहा हूं। जो राजनीति को अपनी बपौती समझ रहे हैं।
फ्लैग- जिस गांव में सांसद के पहुंचने से पहले उखाड़ा था टेंट, उसी गांव में जाकर बोले सांसद
हेडिंग- आपसी भाईचारे में आई खटास को दूर करने आया हूं गांव में
- अब राजनीतिज्ञों की दादागिरी नहीं चलने दूंगा हरियाणा में
- मैं किसी का विरोधी नहीं, देश में समानता के लिए खा रहा हूं गालियां
- मैंने हमेशा उन राजनीतिक परिवारों का विरोध किया, जिन्होंने राजनीति को अपनी बपौती समझ रखा है
- गांव में कहा- जाट हरियाणा में सर्वाधिक किसान, मैं किसानों को मनरेगा मजदूरी की लड़ रहा हूं लड़ाई
फोटो संख्या-25 व 26