प्रदेश स्तरीय युवा उत्सव में युवाओं ने बिखेरी छटा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश स्तरीय उत्सव में शनिवार को हरियाणवी फोक सांग व हरियाणवी डांस का खूब धूम रही। हरियाणवी गीतों पर छात्र-छात्राओं ने जमकर धमाल मचाया। सुबह के समय जहां फॉक सांग व शाम के समय फॉक डांस से कलाकारों से खूब वाहवाही लूटी। इंइरिा गांधी महिला कॉलेज में एक मुख्य मंच पर फॉक सांग व वही दूसरे मंच पर क्लासिक डांस ओर आरकेएसडी कॉलेज में नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें कलाकारों ने अपने अभिनय के रंग बिखेरे।
हरियाणा कल्चर ऑग्रेनाइजर अनिल कौशिक ने बताया कि 15 वर्ष से 29 वर्ष के हर युवा कलाकार को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने विभिन्न स्तरों पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में 18 विधाओं में लगभग 800 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रदेश की प्राचीन समृद्ध संस्कृति की झलक बिखेरेंगे।जिसमें 15 वर्ष से 29 वर्ष का हर युवा कलाकार भाग ले सकता है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ने समय-समय पर अपने अस्तित्व को सार्थक सिद्ध किया है।लखू की अर्थी देख दर्शकों की आखों में आए आंसू- आरकेएसडी कॉलेज में अंबाला की टीम द्वारा लखू की अर्थी देखकर दर्शकों के आंखों में आंसू आ गए। नाटक में अभिनय कर रहे छात्राओं ने दिखाया कि बलराम की पालकी उठाने के लिए गांव से एक ब्राहम्ण का चुनना होता है। जिसके लिए एक अछूत व्यक्ति को बाह्मण बना दिया जाता है। उस अछूत व्यक्ति का एक विकलांग बच्चा होता है। जब वह पालकी उठाता है तो उसके विकलांग बच्चा उसको हाथ लगा देता है। जिसे लेकर कुछ लोग ऐतरात करते हैं कि पालकी अशुद्ध हो गई है। पालकी को विकलांग बच्चे ने हाथ लगा दिया। जिस पर लखू को राजा पांव मारकर पीछे हटा देता है। राजा आदेश करता है कि वह नदी में नहा कर फिर से पालकी उठाए ओर उसके बेटे को पालकी के हाथ लगाने पर सजा दे। ऐसे में वह संकट में आ जाता है कि उसके विकलांग बेटे को सजा दे या नहीं। राजा उसे फिर से लात मारता है ओर वह मर जाता है। जब राजा कहता है कि अछूत को उठाकर एक साइड में रखो तो कोई भी व्यक्ति उसकी अर्थी का हाथ नहीं लगाता है। लखू का विकलांग बेटा उसकी अर्थी का घसीट कर ले जाता है। ऐसा दृश्य देखकर हाल में मौजूद सभी लोगों क आंखों में आंसू आ गए।
देर रात तक हरियाणवी डांस व फोक सांग में कलाकारों से लूटी वाहवाही
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