कलायत। प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला कैथल के सभी 1270 आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का फैसला लिया है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के केंद्रों का विवरण प्रशासन से मांगा है। जिला में बड़ी तादाद ऐसे केंद्रों की बताई जा रही है, जिनमें भवन, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं की दरकार है। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने केंद्रों को संवारने का निर्णय लिया है।
बता दें कि जिला कैथल में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति का मुद्दा मुख्य रूप से उठता रहा है। एक लंबी सूची ऐसे केंद्रों की सामने आई है जो किराए के भवनों में चल रहे हैं। इसके साथ ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस विषय को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला कैथल के आंगनवाड़ी केंद्रों की स्टेटस रिपोर्ट प्रशासन से मांगी है। कलायत नगर पालिका प्रधान शशीबाला कौशिक ने बताया कि शहरी क्षेत्र में नगरपालिका और ग्रामीण में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जमीन उपलब्ध करवाने के लिए पंचायतों से प्रस्ताव मांगें हैं।
इसके अनुरूप केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा बजट जारी किया जाएगा। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास भूमि की उपलब्धता नहीं होगी, उनको विकल्प तलाशते हुए सुदृढ़ किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा से सुसज्जित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत जिला कैथल के तमाम 1270 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का ब्यौरा प्रशासन से मांगा है। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा।