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जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर से बिना इंडेंट के एक्सईएन की अनुमति से निकाले 2 लाख रुपये से अधिक के पाइप

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जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर से बिना इंडेंट के एक्सईएन की अनुमति से निकाले 2 लाख रुपये से अधिक के पाइप
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एससी ने की छापेमार कार्रवाई, विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा, एससी ने कहा-ऐसे स्टोर से पाइप नहीं निकलवा सकते अधिकारी
एक अन्य ठेकेदार ने की शिकायत, एक्सईएन ने गड़बड़ी के आरोपों को नकारा
फोटो संख्या-42
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर से सरकारी पाइप को बिना विभागीय प्रक्रिया के निकाल कर एक ठेकेदार को सौंप दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में एक दूसरे ठेकेदार ने विभाग के अधीक्षण अभियंता को सूचना दे दी। जिस पर उन्होंने छापा मारा तो ठेकेदार द्वारा किए जा रहे काम की जगह पर सरकारी पाइप मिल गए। जिस पर अधीक्षण अभियंता ने मामले की रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को भेज दी है। एससी का कहना है कि इस तरह से सरकारी पाइप को स्टोर से नहीं निकलवाया जा सकता।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि विभाग के एक्सईएन, जेई अन्य कर्मियों की मिलीभगत से बिना इंडेंट व विभागीय प्रक्रिया के सीआई पाइप को सरकारी ठेकेदार को अवैध रूप से निकलवाकर दे दिया गया। जो पूंडरी में जटहेड़ी ड्रेन पर भिजवा दिए गए। इस मामले की शिकायत दूसरे ठेकेदार ने विभाग के चीफ इंजीनियर को कर दी। उनके निर्देश पर एससी देवी लाल ने मौके का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने विभाग को रिपोर्ट भेज दी। एसी देवीलाल ने कहा कि इस तरह से विभाग के स्टोर से पाइप नहीं निकलवाए जा सकते। विभाग के 18 पाइप स्टोर से निकाले गए हैं। जो करीब 2 लाख रुपये से अधिक के हैं। इसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी गई है।
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वहीं एक्सईएन वीके गुप्ता का कहना है कि इस तरह से जरूरत पड़ने पर ठेकेदार को देने के लिए पाइप निकलवाए जाते रहे हैं। पाइप चोरी नहीं किए गए, बल्कि वे मौके पर ही हैं। गेट पास काटा गया है। किसी भी तरह के मिलीभगत के आरोप निराधार हैं।
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