जद यो स्कूल बणया, पीड्ब्ल्यूडी आले तो जामे भी कोनी थे’
सरकारी स्कूल की दीवार गिराने के मंसूबों के खिलाफ खड़ा हुआ चीका गांव
आरटीआई में पीडब्ल्यूडी ने सरकारी स्कूल में बताई है सड़क की जमीन
फोटो संख्या-55 व 56
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। चीका के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की गुहला रोड वाली दीवार को अवैध बताकर गिराए जाने के खिलाफ पूरा चीका गांव उठ खड़ा हुआ है। गांव वालों ने एलान किया कि अगर किसी ने स्कूल की तरफ मैली निगाह भी डाली तो वे ईंट से ईंट बजा देंगे। पिछले दिनों किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल में ईंटें गिरवा दी थी तथा मौजूदा दीवार से 20-25 फीट भीतर नींव भी खुदवा दी थी। स्कूल प्रिंसिपल ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा है कि ना तो उन्हें पता कि ईंटें किसने गिरवाई हैं और ना ही नींव खुदवाने वाले के बारे में कुछ पता है। नगर पार्षद वेद राज बाल्मीकि द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया। वेद राज का आरोप है कि भाजपा से जुड़ा भूमाफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करने की फिराक में है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एक आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण कुमार गर्ग ने गुहला रोड की चौड़ाई को लेकर आरटीआई लगाई थी जिसके जवाब में पीडब्ल्यूडी महकमे ने बताया था कि गुहला रोड पर पांच फीट चौड़ी व तकरीबन पांच सौ फीट लंबी भूमि सरकारी स्कूल के अंदर है। इसी तरह दो फीट की चौड़ाई और 300 फीट के आसपास लंबाई कन्या स्कूल के अंदर है। इस आरटीआई में गुहला रोड के कुछ अन्य निजी कब्जा धारकों के बारे में भी खुलासा किया गया था।
बिना निशानदेही कार्रवाई शुरू हो गई:-
हालांकि कब्जा छुड़ाने के छोटे से छोटे मामले में भी सरकार द्वारा तय एक पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इस मामले में ना तो निशानदेही हुई और ना ही स्कूल को कोई सूचना दी गई बस स्कूल के अंदर ईंटें गिरवाकर नींव खुदवानी शुरू कर दी गई।
किसी को यह भी नहीं मालूम की ईंटें गिरवाने वाला कौन है यानी ईंटों के पैसे किसने दिए। नींव खोदने के लिए मजदूर किसने लगाए और जेसीबी लगवाकर पौधे किसने हटवाए।
1956 में बना था स्कूल:-
चीका गांव के खेड़े पर अपने साथियों के साथ बैठे 80 साल के बुजुर्ग नंबरदार चेत राम ने कहा कि जद यो स्कूल बणया, उस टैम तेरे यो पीडब्ल्यूडी आले तो जामे भी कोनी थे। उन्होंने बताया कि 1956 में चीका गांव की पंचायत ने शामलात जमीन देकर यह स्कूल बनवाया था। बुजुर्ग अजमेर खान ने कहा कि जब यह स्कूल बना तभी बाहर वाली दीवार भी खींची गई थी। अजमेर खान नेे कहा कि तब हरियाणा नहीं बना था और पीडब्ल्यूडी का भी कोई वजूद नहीं था।
सातों एमसी तलब, महापंचायत की तैयारी
चीका गांव निवासी बुजुर्ग सरूप सिंह, बहादुर सिंह, बलदेव सिंह व हरि सिंह ने बताया कि चीका गांव के विभिन्न वार्डों से जीते सभी 7 नगर पार्षदों को आने वाले एक दो दिनों में गांव के खेड़े पर तलब किया जाएगा। साथ ही नगर भर में मुनादी करवाकर एक महापंचायत बुलाई जाएगी तथा लोगों को इस मसले के खिलाफ संघर्ष के लिए न्यौता दिया जाएगा।
मुझे चपड़ासी से सूचना मिली थी कि कोई स्कूल में ईंटें गिरवाकर गया है तथा नींव खुदवाई जा रही है ताकि दीवार को अंदर की तरफ बनाकर बाद में बाहर वाली दीवार गिराई जा सके। हमने उच्चाधिकारियों के आदेश लाने की बात कहकर जेसीबी वाले तथा मजदूरों को वहां से भगा दिया।
-रामेश्वर दास, प्रिंसिपल सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चीका
स्कूल प्रिंसिपल ने स्कूल में बिना इजाजत के ईंटें गिरवाने वाले और नींव खुदवाने वाले तथाकथित अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में कोई शिकायत क्यों नहीं दी। प्रिंसिपल की मामले में मिलीभगत हो सकती है। जांच करवाकर
कार्रवाई करवाई जानी चाहिए।
-वेद राज बाल्मीकि, नगर पार्षद वार्ड 12