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जब साईकिल की कीमत थी 80 रुपये तब से ही 20 रुपये वाहन भता में नहीं हुई कोई बढ़ोतरी

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। ग्राम सचिव एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को ग्राम सचिवों की राज्य स्तरीय बैठक जींद रोड स्थित एक होटल में हुई। इस बैठक में प्रदेश के सभी 22 जिला के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मांगों को लेकर आंदोलन पर आगामी रणनीति तैयार की गई। राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष नरेश धनखड़ ने की। बैठक में विशेष रूप से ग्राम सचिव राकेश मौण कलायत को प्रदेश कार्यकारिणी ग्राम सचिव सदस्य मनोनीत किया गया।
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ग्राम सचिव नेताओं ने कहा कि सरकार ने हड़ताल के समय नेताओं व बड़े अधिकारियों ने उन्हें जो आश्वासन दिए थे, वे तय समय सीमा गुजरने के बाद भी महज आश्वासन ही बने हुए हैं। ग्राम सचिवों ने स्पष्ट किया कि सरकार व प्रशासन कि हर योजना को अमलीजामा पहनाने वाले ग्राम सचिवों की सरकार ने पूरी तरह बेकद्री की है। एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र कुंडू ने कहा कि एक-एक ग्राम सचिव पर कई-कई ग्राम पंचायतों का भार लादा गया है लेकिन जब बात वेतनमान, सुविधाओं व भत्तों की आती है तो सरकार सिर्फ आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 में ग्राम सचिवों के वाहन भत्ते को 20 रुपये निर्धारित किया गया था। उस समय साइकिल की कीमत भी 80 रुपयेे होती थी। लेकिन 45 वर्ष से अधिक बीत गए। साइकिल की कीमत भी पांच हजार रुपये से ऊपर तक पहुंच गई। लेकिन किसी भी सरकार ने हमारे वाहन भत्ते में एक रुपये की बढ़ोत्तरी नहीं की है। सरकार को चेतावनी देते हुआ कहा कि यदि जल्द ही मांगे पूरी नहीं हुई तो वे ई पंचायत का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर संरक्षक अशोक खत्री, अजीत सिंह पहलवान झज्जर, सुभाष मलिक सोनीपत, राजाराम कुरुक्षेत्र, अनिल शर्मा कुरुक्षेत्र, संदीप ढुल रोहतक, सुल्तान सिंह जींद, नेत्रपाल अंबाला, रामफल मलिक फतेहाबाद, ईश्वर सिंह, राकेश मौन, हरदीप सिह, रामदिया, ब्रजेश कुमार, निर्मल सिंह, सहित अन्य मौजूद रहे।
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वाहन भत्ता में नहीं हुई कोई बढ़ोत्तरी
- प्रदेश स्तरीय बैठक में ग्राम सचिवों ने समस्याओं पर किया विचार

फोटो नंबर-18,19
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