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किसान महासंघ के आह्वान पर 10 दिनों तक बंद रहेंगे प्रदेश भर के गांव

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किसान महासंघ के आह्वान पर 10 दिनों तक बंद रहेंगे प्रदेश भर के गांव
किसी भी भाजपा नेता, विधायक, सांसद या मंत्री को दस दिनों तक गांव में घुसने नही दिया जाएगा
फोटो नंबर-12
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। किसान महासंघ के आह्वान पर आने वाले 10 दिनों तक प्रदेश का हर गांव बंद रहेगा। युवा किसान यूनियन ने एसडीएम कार्यालय परिसर में विकास रामगढ़ की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया। बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष जसविंद्र ढुल विशेष रूप से मौजूद रहे। बाद में मांगों को लेकर युवा किसान यूनियन ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। विकास रामगढ़ ने बताया कि किसान महासंघ ने 1 से 10 जूून तक गांव बंद का आह्वान किया है। दस दिनों तक पूरे प्रदेश के सभी गांव बंद रहेंगे। कोई भी किसान अपनी फल, सब्जियां, दूध या जिंस शहर में बेचने नही जाएगा। इस दौरान गांव में रहने वाले लोग शहरों में नहीं जाएंगे तथा कोई भी खरीददारी नही करेंगे। विकास ने बताया कि इस दौरान किसी भी भाजपा नेता, मंत्री या मुख्यमंत्री को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस अनोखे रोष प्रदर्शन को सफल बनाने की कमान भाकियू ने युवा वर्ग को सौंपी है। विकास ने बताया कि युवा किसान यूनियन के सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी गांव गांव जाकर इस संदेश को देंगे तथा बंद को पूरी तरह से सफल बनाने में कामयाब होंगे। युवा जिलाध्यक्ष जसविंद्र ढुल ने कहा कि भाजपा ने जो वायदे किसानों से किए थे वे सत्ता प्राप्ति के बाद हाशिए पर रखे दिए गए। प्रदेश के किसानों से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वायदा करके सत्ता में आई भाजपा ने अपने वायदे से किनारा कर लिया। खेती केवल नुकसान का धंधा बन कर रह गई। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि हर जिला में सिंचाई सचिव का पद सृजित किया जाए ताकि किसानों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। बैठक में जिलाध्यक्ष जसविंद्र ढुल हरसौला, विकास रामगढ़, राजौंद अध्यक्ष मनीष तारागढ़, जगबीर प्यौदा, इंद्र सिंह हरसौला, संदीप नरड, सोनू प्यौदा, मनीष बालू, आजाद तारागढ़, प्रदीप कुराड, प्रमीत ब्राह्मणीवाला भी मौजूद रहे।
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