नसीब सैनी
कैथल।
या अजीब सरकार देखी बाइ... सारे न्यू कवैं मेरी कोई मानदा ए नी....। बीजेपी का कार्यकर्ता कहव अक मेरी एमएलए ने सुणदा, एमएलए कहव अक मेरी मंत्री नीं सुणदा, अर मंत्री कहवा अक मेरी मुखमंत्री नी सुणदा...थारे सामने विज अर मुखमंत्री में कई बार बयानबाजी हौवे अक नीं.. हौवे ए ना.. अर मुखमंत्री की सुण ल्यो.. मुख्यमंत्री कहवै मेरी अफसर नीं सुणदे। जे थारी कोई सुणदा ए नीं, अर लोग कहवं अक सरकार तो कांग्रेस आले चला सकैं सै... ता फेर या बागडोर आमने दे दयो... क्यूं तो थाम दुखी हौरे हो अर क्यूं या जनता दुखी रहव...। कुछ इस अंदाज में कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सरकार के कामकाज पर कटाक्ष किया। पवन वाटिका में अपने मुख्य कार्यकर्ताओं की बैठक में सुरजेवाला ने पीएम मोदी व सीएम मनोहर लाल खट्टर के अविवाहित होने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि डमरु बजाणा, कमंडल पकड़ कर प्रचार करना आच्छा लाग्गै सै तो फेर परमात्मा का नाम जपो.. यू राजा आला काम कै क्यूं जफ भर हो। हामने चलाणी आवै.. हाम चला ल्यांगे। लोग न्यू कहवं अक..सरकार तो वाएं चला सकैं थे...तो फेर मान्नै ए दे दयो बाई..थाम क्यूं दूखी हो रहे ओ..।
कैथल में मुख्यमंत्री जी द्वारा कई जनसभाएं की हैं। जबकि करनाल में आज तक वे 4 बार गए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि उनके करनाल के घर पर ताला लगा रहता है। बिना परिवार के तो ताला ए लागै गा..। मुखमंत्री कहवं अक प्रचारक हूं। तो प्रचारक रहो। ना तो इन्नै छुछक देने, ना किसी के गोडे मोड़ कै आने.(मौत पर शोक प्रकट करना)., ना कोथली देणी, ना लेणी, ना खाट की लोड़ ना बिस्तर की लोड़, जड़ गए उन्नै कै सोगे, ओड़े ए खा लिया। तो फेर जनता तै के लेणा इन्ने।
सुरजेवाला ने अपने संबोधन में सरकार पर अभी तक महज 6700 नौकरियां देने, किसानों के उत्पादों पर जीएसटी लगाए जाने, कर्मचारियों को पक्का ना करने, व्यापारियों पर जीएसटी व नोटबंदी की मार को लेकर जमकर प्रहार किए।
इशारों-इशारों में भविष्य में अपनी बड़ी भूमिका की संभावनाओं के बीच सुरजेवाला ने कहा कि जो कुछ उन्हें मिलेगा, उसे कैथल की जनता ही भोगेगी। उन्होंने एक तरह से चुनावी शंखनाद भी किया और कहा कि उन्हें देश-प्रदेश में कई जगहों पर जाना होता है। जिसके लिए वे कम समय दे पाएंगे। लेकिन अब वे शुक्रवार व शनिवार को कैथल व रविवार को पूरे प्रदेश में, बाकी दिन दिल्ली में अपनी ड्यूटी पर रहेंगे।
मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायकों की जरूरत पर जोर देते हुए सुरजेवाला ने करीब साल भर पहले ही चुनावी खाका खींचते हुए कह दिया कि उनके अकेले जीतने से सत्ता नीं मिलदी...। कैथल के 4, जींद के 5 हल्कों के अलावा अंबाला, यमुनानगर, जीटी बेल्ट में भी जीत का प्रयास करें। सिरसा, मेवात व रोहतक से भी पार्टी उम्मीदवार जीतेंगे तो सरकार कांग्रेस की अपने आप बन जाएगी।
खुद को प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी से अलग रखने का संदेश देने के प्रयास में सुरजेवाला ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसी कांग्रेसी नेता में मतभेद नहीं है। विचारों की लड़ाई केवल भाजपा व इनेलो से है। सभी कांग्रेसी एकजुट हैं। वहीं खुद को भाजपा से खतरा बताते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि उनके खिलाफ केस भी दर्ज होंगे, उन पर हमले भी होंगे, उन्हें शारीरिक क्षति भी पहुंचाई जाएगी, लेकिन वे ना डरेंगे, ना दबेंगे। उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला के जुल्म का सामना किया, जिसे मोदी भी जानते हैं। वे किसी से डरने वाले नहीं हैं।
अब यह बयान सुरजेवाला ने क्यों दिया। ये तो वही जानें। लेकिन पिछले दिनों पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग से जान का खतरा बताते हुए सुरजेवाला ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। इस गिरोह के अब फिर से सक्रिय होने की बातें भी सामने आ रही हैं।
‘या अजीब सरकार देखी बाइ...सारे न्यू कवैं मेरी कोई मानदा ए नी....लोग न्यू कहवं अक..सरकार तो वाएं चला सकैं थे...तो फेर मान्नै ए दे दयो बाई..थाम क्यूं दूखी हो रहे ओ...’
- कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला ने कार्यकर्ताओं की बैठक में सरकार की स्थिति पर हरियाणवी अंदाज में साधा निशाना
फोटो संख्या-3