एक करोड़ की लागत से बना शहीद ऊधम सिंह पार्क है बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वर्ष 2013 में करीब एक करोड़ की लागत से बना शहीद ऊधम सिंह पार्क बदहाल हो चला है। कई बार उठाई जा चुकी आवाज के बाद प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। डीसी ने जवाहर पार्क सहित हुडा सेक्टरों के पार्कों का दौरा किया है। लेकिन इस पार्क को भी तुरंत देखभाल की आवश्यकता है। यहां शौचालयों की हालत काफी खस्ता है। पार्क रात के समय शराबियों को अड्डा बन चुका है।
एक करोड़ की लागत से बना था पार्क : माता गेट पर करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से शहीद ऊधम सिंह पार्क बनाया गया था। उसमें शहीद ऊधम सिंह, शहीद राजगुरु व सुखदेव की भी प्रतिमाएं लगी हैं। दर्जन भर कालोनी के लोगों को यहां सुबह शाम घूमने का अवसर मिल गया था। लेकिन अब यह शराबियों का अड्डा बना हुआ है।
पूरा पार्क बदहाल : पार्क में शहीदों के नाम पर प्रमुख गेट पर लगे हुए बोर्ड पर लगी टाइलें व इसके अंदर बनाए गए स्टैच्यू की टाइलें टूटी हुई है, यहां बना जॉगिंग ट्रैक भी टाइलों के टूटने के कारण ऊबड़ खाबड़ हो चुका है। पार्क में करीब दस डस्टबिन रखे गए हैं, जो सभी टूट चुके हैं। पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाए गए पौधे भी सूखने की कगार पर हैं। यहां पर लगाई गई छोटी व बड़ी अधिकतर लाइटें टूट चुकी हैं। जिस पर नगर परिषद का कोई ध्यान नहीं है। फव्वारे के लिए बनाई गई जगह पर गंदगी का आलम है।
इन कॉलोनिवासियों को है पार्क का फायदा : शहीद ऊधम सिंह पार्क का पांच वार्डों की करीब एक दर्जन कॉलोनी के लोगों को फायदा है। जो पार्क से आधा से एक किलोमीटर के दायरे में आती है। इन कॉलोनियों में खुराना रोड, सुभाष नगर, डीएवी कॉलोनी, नानकपुरी कॉलोनी, माता गेट, सीवन गेट, छज्जू कुंड, मेन बाजार, सेठान मोहल्ला सहित अन्य कॉलोनी शामिल है।
लाखों की लागत से बनाए पब्लिक टॉयलेट में पानी ही नहीं : खुराना रोड स्थित सुभाष नगरवासी मुकेश ने बताया कि अभी हाल में ही नगर परिषद की ओर से स्वच्छ भारत अभियान के तहत पार्क के प्रमुख गेट पर पब्लिक टॉयलेट बनाए गए है। लेकिन इन पब्लिक टॉयलेट की हालत बद से बदतर हो चली है। इसमें पानी ही नहीं है। साथ ही इनके दरवाजे पर लगे कुंडे टूट चुके है।
पार्क में लगा टयूबवैल में बिजली की सप्लाई ही नहीं : पार्क में लगे एकमात्र ट्यूबवेल को चलाने के लिए इसमें लगाई गई बिजली की सप्लाई ही नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि उन्होंने पार्क में पानी की समस्या का समाधान के करने के लिए करीब पांच बार बिजली की तार डलवा इसका कनेक्शन किया है। लेकिन पार्क में चौकीदार के न होने के कारण चोरों ने इसे छोड़ा ही नहीं।
चेयरमैन का दौरा महज दिखावा, अब पडीसी मैडम का इंतजार : वार्ड नंबर चार से पार्षद प्रतिनिधि संजय गर्ग ने बताया कि जिस समय डीसी मैडम ने जवाहर पार्क में सुधार को लेकर दौरा किया था उस समय कार्यकारी चेयरमैन पवन थरेजा ने पार्क का परिषद के अधिकारियों के साथ शहीद ऊधम सिंह पार्क का भी दौरा किया था। लेकिन यह दौरा महज दिखावा था। दौरे पर चेयरमैन ने अधिकारियों को पार्क में सुधार के लिए निर्देश तो दिए लेकिन अधिकारियों के सिर पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पार्क के सुधार के लिए डीसी मैडम का इंतजार है।
शहरवासी सुरेंद्र ने बताया कि जिस समय पार्क का निर्माण हुआ तो पांच वार्डों की करीब 40 हजार की आबादी को इसका भरपूर लाभ मिला था। चार वर्षों के बाद ही पार्क अपना अस्तित्व खोने की कगार पर है। यहां पर सबसे गंभीर समस्या पानी व शौचालय की है।
खस्ता हाल पर परिषद के अधिकारियों के पास नहीं कोई जवाब : पार्क की खस्ता हाल को लेकर जब नगर परिषद के अधिकारियों से जब बात की गई तो उनके पास इसके लिए कोई जवाब नहीं था। ईओ से संपर्क किया गया तो वे बोले की एमई इस पार्क के कार्यों को देख रहे हैं। इसके बाद जब एमई से बात कि गई तो वे बोले की यह अधिकार ईओ का है वे ही इसके बारे में कुछ बता पाएंगे।
शहीदों की याद में बने शहीद स्मारक बदहाल
कैथल। शहर के बीचों बीच शहीदों की याद में बनाया गया शहीद स्मारक अब बदहाल होता नजर आ रहा है। यहां बनाए गए लाइफ ट्री की लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। वहीं कई जगह से टाइलें टूट चुकी हैं। जिन शहीदों के नाम लिखकर इस शहीद स्मारक को दूसरे स्मारकों से अलग बनाया गया था। उन नाम पटों के ऊपर लगी लाइटें बंद पड़ी हुई हैं।
आजादी के बाद शहीद हुए सभी जवानों के नाम अंकित हैं स्मारक पर : आजादी के बाद प्रदेश के जो भी जवान शहीद हुए हैं, इस स्मारक पर अलग-अलग पटों पर उनके नाम अंकित हैं। प्रत्येक जिले के अनुसार जिले के शहीद हुए सैनिकों के गाथा लिखी गई है। ऐसे में प्रदेश भर से लोग स्मारक को देखने के लिए आते हैं।
शहीद स्मारक में लाइफ ट्री है आकर्षक का केंद्र : शहीद स्मारक में लगाया गया लाइफ ट्री आकर्षक का केंद्र है। जिसमें लाइट जगती है। पिछले करीब छह महीने से लाइफ ट्री पर लगी दर्जनों लाइट बंद पड़ी हैं। सबसे मुख्य लाइट भी लाइफ ट्री की बंद है। लाइफ ट्री शहीदों के बलिदान को जोड़ने के लिए बनाया गया है।
शहीद स्मारक व्यवस्था बनाना चाहिए : शहरवासी राजेंद्र ढुल, अशोक कुमार, सतीश सिंह, मनोज ने बताया कि इस स्मारक की देखरेख के लिए ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। ताकि लाखों रुपये की लागत से बने स्मारक में शहीदों की यादें संजोई रह सकें। नगर परिषद ईओ विक्रम सिंह ने कहा कि पता करवाएंगे कि लाइटें कब से खराब हैं। बजट स्वीकृत होते ही इन्हें ठीक करवाया जाएगा।
लाइफ ट्री के लाइटें बंद, फव्वारे खराब
प्रदेश भर के शहीदों की गौरव गाथा संजोए हुए है शहीद स्मारक
फोटो नंबर-26, 27 व 28
न माली, न चौकीदार और न सफाई कर्मचारी, शौचालयों की भी हालत है खस्ता,
पानी की सुविधा भी नहीं, रात के समय शराबियों का अड्डा, प्रशासन का नहीं कोई ध्यान
डीसी साहब.. इस पार्क को भी देखभाल की जरूरत
फोटो नंबर-1 से 11