कैथल। डॉ. भीमराव आंबेडकर की 128वीं जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को राजकीय कन्या स्कूल जाखौली अड्डा में जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें एडीसी आरके सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके हुई। एडीसी ने कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब केवल दलितों के ही नहीं, बल्कि समाज के सभी पीड़ित वर्गों के उत्थान को समर्पित थे। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष रूप से कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब हिंदू बिल तैयार हो रहा था तो डॉ. आंबेडकर ने महिलाओं के सामाजिक सुधार की आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब एक महान विभूति थे, जिनका कहना था कि हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय हैं। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को भारत के संविधान के संदर्भ में जागरूक करने के उद्देश्य से लाइब्रेरी में संविधान की पुस्तक के माध्यम से उन्हें जागरूक अवश्य करें ताकि बच्चे जान सकें कि भारतीय नियम और कानून तथा हमारे मौलिक अधिकारों का उल्लेख संविधान की किताब से ही आता है। जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जो विचार समस्त मानव जाति के लिए प्रेषित किए, उसे अपनाकर हम एक नए समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी, जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही, स्कूल प्रधानाचार्य पवन कुमार सहित रामेश्वर दास, कृष्ण कुमार व कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।