फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवर टाइम बना तो कैथल से जम्मू कटरा जाने वाली बस सेवा विभाग ने की बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
ओवर टाइम बना तो कैथल से जम्मू कटरा जाने वाली बस सेवा विभाग ने की बंद
विज्ञापन

रोडवेज में ओवर टाइम विवाद, जनता भुगत रही है परेशानियां
लंबे रूटों पर अधिकतर जिलों में जाने वाली बसों के 20 फेरे घटाए, विभाग को घाटा
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फोटो नंबर-01 से 03 व 08
कमल बहल
कैथल। रोडवेज विभाग मुख्यालय द्वारा चालकों व परिचालकों का ओवरटाइम बंद करने के बाद अब कैथल डिपो से जाने वाली जम्मू कटरा की बस को बंद कर दिया गया है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसके साथ की एक दिसंबर से जयपुर व देहरादून जाने वाली बस को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी। इन रूटों पर विभाग को रोजाना करीब एक लाख रुपये की आमदनी होती थी। इसके साथ फेरे घटाने के पहले भी इन रूटों पर 50 हजार रुपये से अधिक आमदनी होती थी।
अधिकतर जिलों में जाने वाली बसों के 20 फेरे घटाए : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ओवरटाइम विवाद में रोडवेज ने फैसला लागू होने के बाद अधिकतर जिलों में 20 से अधिक फेरे घटाए गए हैं। जिसमें जींद, करनाल, हिसार, चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली बसों के फेरे शामिल हैं। विभाग ने जींद के 3, करनाल के 3, दिल्ली के 4, हिसार व चंडीगढ़ के चार-चार फेरों को घटा दिया है।
विज्ञापन

लोग ढूंढते रहते हैं हरियाणा रोडवेज को, लोगों की परेशानी : कैथल से वैष्णो देवी व जयपुर जाने के लिए लोगों के लिए एक बेहतर सुविधा थी। जिससे न केवल उन्हें यहां से लोग जयपुर व जम्मू से आगे कटरा जाते थे। वे इस बस के माध्यम से वहां से इसका इंतजार भी करते थे। लेकिन इन दोनों रूटों के बंद होने के बाद लोग यहां जाकर हरियाणा रोडवेज का इंतजार करते हैं। लेकिन उन्हें बस नहीं मिल पाती है।
अब दो से तीन बसें बदलकर जाना होगा : शहरवासी सतपाल गुप्ता, लाजपत राय, रोबिन, असीम व रेनू ने बताया कि कैथल से जयपुर व वैष्णो देवी जाने के लिए सीधी बस सेवा आम जनता को मिल जाती थी। लेकिन विभाग ने अब इन दोनों रूट पर बसों को बंद करके यहां जाने वाली जनता को परेशानी दी। इसके साथ ही अन्य रूटों पर फेरे घटाने के बाद रात के समय जनता को बस की सुविधा नहीं मिलेगी।
फैसले से रोडवेज को मुनाफा नहीं बल्कि घाटा होगा : हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान सुशील शर्मा ने बताया कि इस फैसले से सरकार प्रदेश में कम पड़ रही बसों की संख्या को पूरा करने का प्रयास कर रही है। लेकिन सरकार नए चालक व परिचालक भर्ती नहीं कर रही है। सरकार ने पहले ही रोडवेज का निजीकरण करने जैसे फैसले लेकर रोडवेज की कमर तोड़ी है। दूसरा सरकार ने ओवरटाइम को बहाना बना रूटों पर फेरे कम कर रोडवेज को और अधिक गिराने का काम किया है।
विज्ञापन

कैथल डिपो से जयपुर व कटरा जाने वाली बसों में ओवरटाइम बनता है। जिस कारण विभाग ने इस रूट को बंद करने का फैसला लिया। इसी प्रकार से अन्य रूटों पर भी एक दिन में केवल आठ घंटे की ड्यूटी के मुताबिक फेरे कम करने का फैसला लिया गया।
रामकुमार भुक्कल, जीएम, रोडवेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें