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अनुबंध पर कार्यरत चार ड्राईवरों को किया टर्मिनेट, नए भर्ती हुए 42 ड्राईवरों को भी दिया नोटिस

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अनुबंध पर कार्यरत चार ड्राइवर टर्मिनेट, नए भर्ती हुए 42 को नोटिस
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सुबह हड़ताल सफल तो दिन में 65 बसें चलने से मिली लोगों को राहत
सुबह के समय सिरसा से आई बस को रोकने पर चार कर्मचारियों को हिरासत में लेकर छोड़ा गया
रोडवेज को करीब 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान
फोटो नंबर-6 से 13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। निजी बस परमिट के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किया गया चक्का जाम पूर्ण रुप से सफल नहीं हो पाया। 130 में से दोपहर तक 65 बसें चलीं। विभाग ने कार्रवाई करते हुए 4 अनुबंधित चालकों को टर्निमेट कर दिया गया है। जबकि 42 नए चालकों को बुधवार तक काम पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है।
सुबह हड़ताल के बीच 4 बजे से पहले ही पुलिस बल बस अड्डे पर तैनात था। 4 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली के लिए जाने वाली बस के बाद 7 बजे तक करीब 8 बसों को दिल्ली, चंडीगढ़, हिसार, सिरसा, कटरा, पिहोवा व पटियाला रूटों के लिए निकाल दिया गया। लेकिन सुबह का समय होने के कारण काफी संख्या में यात्री बस अड्डे से बसों के न चलने के कारण लौट गए। यमुनानगर से आए खिलाड़ियों को विशेष रूप से बस की व्यवस्था कर भेजा गया।
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कर्मचारी सुबह के समय कर्मचारी अधिकतर बसों को रोकने में कामयाब रहे, लेकिन रोडवेज अधिकारियों द्वारा लगातार किए गए प्रयासों के बाद दिन में करीब आधी बसें चलीं। निजी बसों के साथ चली इन बसों से लोगों को राहत तो मिली। लेकिन हड़ताल के चलते लोग असमंजस रहे और सुबह के समय करीब तीन घंटे तक बस अड्डे से लौटने को मजबूर हुए। सिरसा से आई एक बस को कर्मचारियों ने बस अड्डे के बाहर रोक लिया। जिस पर अधिकारियों ने फटकार लगाई। अधिकारियों ने बसों के संचालन का खूब प्रयास किया, लेकिन नए चालक तो आ गए थे। उनके लिए परिचालक नहीं मिले।
बस अड्डे पर पहुंचे जींद जाने वाली शकुंतला, पाड़ला से आए बनारसी दास, कैथल से आए सोहन लाल सहित कई लोगों को बस अड्डे से लौटना पड़ा। इसी तरह से दिन भर यात्रियों में बसों को लेकर भारी असमंजस रहा। दिन में लंबे रूटों पर 65 बसें चलीं गईं। वहीं स्थानीय रूटों पर निजी बसों के कारण लोगों को बड़ी राहत मिली। जींद व फतेहाबाद जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियां हुईं। विभाग को अनुमानत: 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
यूनियन का दावा 20 बसें चलीं : हड़ताल के पहले दिन बस स्टैंड परिसर में रोडवेज कर्मचारियों सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य पहल सिंह तंवर, जसबीर सिंह, शमशेर सिंह सिरमौर, राजबीर भाना, ज्ञान सिंह, महाबीर सिद्धू, सुरेश मराठा, महिपाल राणा, रामचरण शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि सरकार किलोमीटर स्कीम पर निजी बसें चलाकर रोडवेज का घाटा पूरा करने की बात कह रही है। वह तथ्यहीन है। नई नीति से सरकार को घाटा होगा। कर्मचारी नेता जसबीर सिंह ने कहा कि सरकार चाहे जितना मर्जी सख्ती कर ले, कर्मचारी एकता के साथ इस हड़ताल को सफल बनाएंगे। विभाग का निजीकरण नहीं होने देंगे। पहले दिन केवल 20 बसें ही चल पाई हैं।
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सरकार के आदेशानुसार की कार्रवाई : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि पहले दिन 130 में से 65 बसें चली हैं। सरकार के आदेशों अनुसार अनुबंध पर कार्यरत चार ड्राइवरों को टर्मिनेट किया है। इन चारों के नाम विभाग द्वारा दिए जाएंगे। 42 नए ड्राइवरों को काम पर नहीं लौटने की सूरत में उन्हें बर्खास्त करने का नोटिस जारी किया गया है। यदि वे बुधवार को काम पर नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
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