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ग्रामीणों ने जड़ा स्कूल को ताला, बिजली विभाग के खिलाफ की नारे बाजी

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बिल नहीं भरा तो स्कूल की काटी बिजली, ग्रामीणों ने जड़ा ताला
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बीईओ ने अभिभावकों को दिया बिजली मीटर लगवाने का आश्वासन तो खोला ताला
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। बिजली विभाग कर्मचारियों ने मिडिल स्कूल रसूलपुर का बिजली का मीटर उतारने व स्कूल स्टाफ के साथ विद्यालय में बुरा व्यवहार करने के रोष स्वरूप ग्रामीणों ने स्कूल को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। स्कूल पर जड़े ताले की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचा और अभिभावकों को समझाकर स्कूल का ताला खोलने की अपील की। लेकिन अभिभावकों ने कहा कि अगर आज ही बिजली मीटर नहीं लगा तो वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। स्कूल में बिजली न होने के कारण इस गर्मी में बच्चों का बुरा हाल हो जाएगा। बिजली न होने से न तो पंखे ही चलेंगे और न ही विद्यालय में बच्चों को पीने के लिए पानी उपलब्ध हो पाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि विद्यालय में बिजली मीटर लगवा दिया जाएगा। उसके बाद अभिभावकों ने विद्यालय का ताला खोला।
गौरतलब है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर के स्कूल का बिजली बिल लगभग पिछले 18 माह से नहीं भरा जा रहा था और बिजली बिल 76 हजार पहुंच गया था। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी वीरवार दोपहर को विद्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया और मीटर उतार कर ले गए। विद्यालय के हेडमास्टर व स्टाफ ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कहा कि वह शुक्रवार को बिल अदा करवा देंगे। इस समय विद्यालय में बच्चे हैं और गर्मी में उनका बुरा हाल हो जाएगा। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और मीटर उतार कर ले गए। इसकी सूचना अभिभावकों को लगी और उन्होंने गांव के सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह के सामने समस्या रखी। शुक्रवार को सुबह ही ग्रामीण सरेंद्र सिंह, राजेश कुमार, बलविन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, संदीप सिंह, जयपाल, सौदागर सिंह, पोला, बलजीत, कर्म सिंह, अमरीक सिंह, सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विद्यालय के सामने एकत्रित हुए और विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर बिजली विभाग व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन शर्मा के शुक्रवार को ही विद्यालय में बिजली मीटर लगवाने का आश्वासन दिया और उसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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हेडमास्टर ने बिजली बिल की मांग देरी से की। बिजली विभाग ने भी पहले कोई नोटिस नहीं दिया और स्कूल के स्टाफ के साथ बदसलूकी कर कर्मचारी मीटर उतार कर ले गए। स्कूल का ताला खोल दिया गया और शीघ्र ही मीटर लगवा दिया जाएगा।
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- सुदर्शन शर्मा, बीईओ

मीटर उतारने से पूर्व देना चाहिए था नोटिस
बिजली विभाग को स्कूल का मीटर उतारने से पूर्व स्कूल प्रशासन को या ग्राम सरपंच को नोटिस देना चाहिए था। बिजली विभाग ने जबरदस्ती करते हुए पहले तो स्कूल का मीटर उतार लिया और बाद में दो घंटे के बाद एसडीओ व जेई व अन्य कर्मचारियों ने मीटर से स्कूल तक लगे हुए तार को भी उतार लिया। जबकि यह तार विभाग का नहीं, स्कूल का था। स्कूल स्टाफ के द्वारा मीटर उतारने की रसीद मांगने व बाकी की तार उतारने का कारण पूछा तो उनके साथ बुरा व्यवहार किया।
-पुष्पिद्र सिंह बिट्टृ, सरपंच


फोटो संख्या-11
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