आढ़ती एसोसिएशन और ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों की हड़ताल से मंडी में धान खरीद ठप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में रविवार को आढ़ती एसोसिएशन व ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों के हड़ताल के कारण धान की खरीद का कार्य पूरी तरह से ठप रहा। ट्रकों के माध्यम से थोड़ा-बहुत उठान कार्य हुआ। लेकिन 8 लाख से अधिक कट्टों का उठान न होने के कारण अनाज मंडी में जाम की स्थिति बनी हुई है। ओवरलोडिंग पर रोक लगाए जाने व आरटीए कार्यालय द्वारा चालान किए जाने के कारण अब ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालक किराया बढ़ाने पर अड़ गए हैं।
शनिवार को शुरू हुई ट्रैक्टर ट्रॉली संचालकों की हड़ताल रविवार को जारी रहने के कारण मंडी में पैदल चलने की भी जगह नहीं बची है। मंडी में रविवार को अधिक उठान नहीं हो पाया। जिस कारण यहां पर पूरा दिन जाम की स्थिति बनी रही। मंडी की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर धान की बोरियों का जमावड़ा रहा जिस कारण यहां पर आने वाले किसानों व अन्य लोगों को अपने वाहनों को बाहर ही खड़ा कर पैदल आना पड़ा।
ट्रैक्टर ट्राली के संचालक राजेश, संजू, मोनी, रवि, सुखदेव, शलिंदर, सुखदेव, कालू, ठेकेदार, बिट्टू, वीरभान, कालू, नफे सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से ट्रैक्टर संचालकों की चल रही हड़ताल के बावजूद सेलर की ट्रालियों पर धड़ल्ले से माल का लदान किया किया जा रहा है। जबकि निजी मजदूर अपने रोजगार के लिए सीजन के समय मंडी में कार्य करता है। उसका चालान करके उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि ट्रैक्टर खेती के लिए है। वह इसे खेती के कार्य में प्रयोग करते हैं। जिसके तहत इन्हें केवल शहर में ही चलाया जाता है। एक ओर तो सरकार स्वरोजगार की बात करती है दूसरा रोजगार को ही छीनने में उतारु है।
ट्रैक्टर ट्रॉली संचालकों की हड़ताल के कारण मंडी में उठान कार्य में बाधा आने के कारण शहर की तीनों मंडियों में करीब 7 से 8 लाख कट्टों का उठान होना है। जिसका उठान कार्य हड़ताल के बाद काफी धीमा हुआ है। मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान मांगे राम खुरानियां ने कहा कि जो भी मिलर्स की जिन ट्रालियों पर लदान का कार्य हो रहा है, वह निजी है। आरटीए कार्यालय को इस प्रकार से ट्रैक्टर ट्राली के संचालकों का चालान नहीं करना चाहिए। ट्राली संचालकों का इसमें समर्थन करते हैं।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी ने कहा कि रविवार को धान की खरीद का कार्य नहीं किया गया। केवल उठान कार्य हुआ, वह भी ज्यादा नहीं हो पाया। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक भी हड़ताल पर रहे। अब वे किराये में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं। सोमवार को आढ़ती धान खरीदेंगे।
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