एतिहासिक एवं दुर्लभ दस्तावेजों को किया प्रदर्शित
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा की अभिलेखागार विभाग द्वारा स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की कड़ी में आरकेएसडी कालेज में एतिहासिक एवं दुर्लभ दस्तावेजों व फोटोग्राफ की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कालेज के मुख्य मंच पर लगाई गई इस 2 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन कालेज के प्राचार्य डॉ. ओपी गर्ग ने किया। प्रदर्शनी मेें 1857 की क्रांति से लेकर 1943 तक के दस्तावेजों व फोटोग्राफ्स का अवलोकन किया। अभिलेखपाल अनिल कुमार ने इन दस्तावेजों के बारे में सिलसिलेवार जानकारी प्रिंसिपल व विद्यार्थियों को बताई। प्रिंसिपल ने स्वर्ण जयंती अवसर पर लगाई इस प्रदर्शनी को विद्यार्थियों के लिए एक सौगात बताया। अनिल कुमार ने बताया कि यह दो दिवसीय प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम जनता के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी और उन लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी जिनकी इतिहास लेखन में रुचि है। इस अवसर पर भूगोल विभाग के डा. मेजर एस.एस. ढुल, स्टाफ सचिव डा. आर.पी. मौण, डा. अशोक अत्री, प्रो. राकेश मित्तल, मंजूला गोयल, आरती अग्रवाल, अर्चना तिवारी, पी.आर.ओ. महेंद्र खन्ना व इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिंदी विभाग के छात्र-छात्राएं प्रदर्शनी का अवलोकन करते रहे।
एतिहासिक एवं दुलभ दस्तावेज किए गए प्रदर्शित
इस प्रदर्शनी में विभिन्न दस्तावेजों में 10 मई 1857 को अंबाला से प्रारंभ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी देता एक टैलीग्राम, ब्रिटिशों के खिलाफ राव तुला राम द्वारा रांगड़ों को एकत्रित करना, अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के गहनों की सूची, बल्ल्भगढ़ के राजा तथा झज्जर व बहादुरगढ़ के नवाबों के क्षेत्रों का अधिग्रहण ब्रिटिश क्षेत्रों का प्रशासन ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों से महारानी द्वारा स्वयं लिया जाना, 1872 के हरियाणा डिवीजन का मानचित्र,भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में अंबाला के लाला मुरलीधर का राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए सीधे प्रतिवेदन की वकालत करने संबंधी पत्र, थानेसर में सूर्यग्रहण के मेले के अवसर पर 1887 में लोगों के एकत्रित होने की सूचना, पंजाब में महात्मा गांधी के आगमन पर प्रतिबंध व पलवल में गिरफ्तारी, पंजाब के समाचार पत्रों पर सेंसरशिप, रोहतक जिले में 1922 से 42 तक जेल यात्रियों की सूची, 1930 में पंडित नेकी राम की गिरफ्तारी, विदेशी कपड़ों का बहिष्कार, शहीद भगत ङ्क्षसह को फांसी दिए जाने का आदेश और 21 अक्तूबर 1943 को नेता जी सुभाषचंद बोस द्वारा आजाद ङ्क्षहद गर्वनमैंट की घोषणा तथा अंतिम दस्तावेज में नारनौल निवासी भागीरथ प्रसाद शर्मा द्वारा रचित राष्ट्रीय ध्वज के बारे में एक गीत के अलावा इस प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले क्रांतिकारियों के 20 दुर्लभ चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक सूचना के साथ-साथ नायाब भी हैं।
हरियाणा के अभिलेखागार विभाग ने लगाई प्रदर्शनी
फोटो नंबर- 04