श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना कर मंदिरों में टेका मत्था
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शनिवार को चैत्र नवरात्र की शुरुआत हुई। नवरात्र के पहले दिन सुबह चार बजे ही शहर भर में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जिन्होंने मां भगवती की आराधना करते हुए कलश की स्थापना की। शहर में स्थित बड़ी देवी और छोटी देवी मंदिर को भव्य ढंग से सजाया गया। इन मंदिरों में मां के भक्तों की लंबी लंबी कतारें लगी रही।
पहले दिन के मां शैलपुत्री की पूजा हुई। मां शैलपुत्री चैत्र नवरात्र की प्रथम अराध्य देवी है। पूर्व जन्म में इनके पिता राजा दक्ष थे। जिन्होंने प्रजेश होने पर यज्ञ किया। समस्त परिजनों का आमंत्रित किया लेकिन दामाद भगवान शिव को आमंत्रण नहीं दिया। यज्ञ स्थल पर पहुंचने पर सती का तिरस्कार हुआ। अपमान के कारण मां यज्ञ में कूद पड़ी। उधर शिव की समाधि भंग हुई। जिस पर भगवान शिव ने वीरभद्र नामक गण को भेजा। जिसने यज्ञशाला को ध्वंस कर दिया। शिव सती के जलते शरीर को लेकर चल पड़ा। धरती पर जहां-जहां अंग बिखरे वहां शक्तिपीठ स्थापित हुए।
शक्ति की उपासना ही महामाया की आराधना है : रविदत्त
पूंडरी। रविदत्त शास्त्री ने कहा कि आदिकाल से ही मनुष्य शक्ति की उपासना करता रहा है। नवरात्र शक्ति दुर्गा काली, लक्ष्मी व सरस्वती और अन्य रूपों में पूरे विश्व में व्याप्त है। नवरात्र के अवसर पर देवी की पूजा कर महामाया का आह्वान किया जाता है और शक्ति से आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। इन दिनों घर-घर में नव दुर्गा का पाठ होता है।
मां बनभोरी के मंदिर से लाए जोत
राजौंद। खुरड़ा के लोग 70 किलोमीटर दूर बसे गांव बनभोरी में मां बनभोरी के मंदिर से पैदल चलकर शनिवार को गांव की सुख शांति के लिए जोत लेकर आए। खुरड़ा के लोग पिछले 15 वर्षाें से लगातार बनभोरी मंदिर से जोत लेकर आ रहे है। गांव के कृष्ण कुमार की अगुवाई में सैकड़ों श्रद्धालु 70 किलोमीटर का सफर पैदल तय करके अखंड जोत लेकर खुरड़ा पहुंचे। इस दौरान सुभाष सुल्तान, राहुल, राजबीर, राजेंद्र, मामू, संजीव, बिंद्र, सत्ता, बिमला, राधा, काली, चंद्रपति, भतेरी, ऊषा, आरती, सीमा इत्यादि सेवादार मौजूद रहे। वहीं प्रथम नवरात्र पर नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए जयघोषों से नगर के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, गांव में स्थित बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर मां जगदंबे भवानी से मंगल कामना की प्रार्थना की।
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में सुबह चार बजे से ही शुरू हुई मां भगवती की पूजा अर्चना
पहले दिन श्रद्धालुओं ने की मां शैलपुत्री की आराधना
फोटो नंबर-08 व 09
फोटो नंबर-28