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अमर उजाला इंपेक्ट: विद्यार्थियों की समस्या पर रोडवेज विभाग ने चलाई 12 बसें

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विद्यार्थियों की समस्या पर रोडवेज ने चलाईं 12 बसें
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बसों को पुरानी रोटेशन के मुताबिक ग्रामीण रूटों पर लगाया, ताकि विद्यार्थियों व अन्य ग्रामीणों को न हो परेशानियां
अब आठ रूटों पर नहीं होगी दोपहर बाद परेशानी, अमर उजाला ने चलाया था बसों की समस्या पर विशेष अभियान
फोटो नंबर-14
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आखिरकार अमर उजाला के माध्यम से उठाई गई विद्यार्थियों व यात्रियों की आवाज हरियाणा रोडवेज विभाग के अधिकारियों तक पहुंच ही गई। सुबह स्कूल-कॉलेज व अपने काम काज पर, शाम को वहां से घर पहुंचने में बसों की कमी के कारण हो रही समस्या से अब लोगों को निजात मिलेगी। विभाग ने चार सदस्यों की कमेटी का गठन कर यात्रियों की जरूरत के हिसाब से समीक्षा की। जिसमें दोपहर बाद बंद हुई आठ से अधिक ग्रामीण रूटों पर 12 बसें चलाने की रिपोर्ट दी गई। इसके बाद इन बसों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। विभाग ने लंबे रूटों पर यात्रियों की संख्या में गठजोड़ करने के बाद लोकल रूटों पर पुराने रोटेशन सिस्टम को लागू किया है। जिसमें अब इस रूटों पर बस चलाने वाले चालक व परिचालकों को एक सप्ताह में दो दिन का विश्राम दिया जाएगा। जबकि इसी रूट पर दो दिनों में अन्य चालक व परिचालक की ड्यूटी निर्धारित की जाएगी।
ओवरटाइम समाप्ति के बाद बनी हुई थी परेशानी : विभाग द्वारा कर्मचारियों के ओवरटाइम खत्म किए जाने के बाद समस्या विकट हो चली थी। सुबह व शाम के समय बस अड्डे पर पहुंचे लोग बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहते थे। मुख्य रूप से शाम के समय बसों के फेरे कम होने के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी आ रही थी। लोग बार-बार बसों के फेरे बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। अमर उजाला द्वारा इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
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क्या है पुराना रोटेशन सिस्टम : रोटेशन सिस्टम में विभाग द्वारा किलोमीटर को निर्धारित किया जाता है। लेकिन इस रोटेशन में किलोमीटर की कोई सीमा नहीं थी। जिसमें चालकों व परिचालकों से अतिरिक्त रूट के चक्कर लगाकर उन्हें ओवरटाइम दिया जाता था। लेकिन ओवरटाइम बंद होने के बाद विभाग ने पुराने रोटेशन सिस्टम को बंद कर दिया था। जिसमें नए रोटेशन में रूट के मुताबिक किलोमीटर निर्धारित किए गए हैं। अब विभाग ने तय किलोमीटर को जारी रखकर यात्रियों की संख्या के मुताबिक लोकल रूटों पर रोटेशन बना दी है। जिससे अब इन रूटों पर बसें चलाई गई हैं। इस रोटेशन में उन रूटों से बसों के फेरे कम कर दिए हैं, जिसमें यात्रियों की संख्या कम रहती है और इन बसों के फेेरे वहां शुरू कर दिए हैं, जहां यात्रियों द्वारा बसों की मांग की जा रही है। यह सेवा नियमित नहीं हैं। यात्रियों की जरूरत अनुसार इन बसों का संचालन होगा।
अब इन आठ रूटों पर नहीं होगी दोपहर बाद परेशानी : विभाग द्वारा कुल 8 रूटों पर 12 बसों को लोकल रूटों पर चलाया है। जहां पर दोपहर बाद अधिक परेशानी आती थी। इसमें कैथल से करनाल, कुरुक्षेत्र-कैथल, कैथल-पिहोवा, कैथल-जींद, कैथल-पूंडरी-राजौंद, कैथल से खनौरी व कैथल से कलायत और कलायत से हलके के अन्य गांवों में दोपहर तीन बजे के समय के बाद बसें चलाई गई है। जिसमें कैथल से खनौरी, पूंडरी व कलायत जाने वाली बस की नाइट सर्विस शुुरू की गई है।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता पहल सिंह तंवर ने कहा कि ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी से परेशानी हो रही थी। ग्रामीण रूटों पर बसों के संचालन के जीएम के फैसले का कर्मचारी स्वागत करते हैं। लेकिन जीएम विभाग से मांग करे कि जिले के डिपो में बसों की संख्या बढ़े। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं में सुधार हो सके। अमर उजाला ने इस दिशा में सराहनीय काम किया है। जिसके लिए कर्मचारी अमर उजाला के आभारी हैं।
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लोगों की समस्या पर लिया संज्ञान : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि ग्रामीण रूटों पर बसों की अधिक समस्या आ रही थी। जिस पर विभाग ने चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया। जिसमें टीआई, टीएम व दो ड्यूटी इंस्पेक्टर को शामिल किया गया। उन्होंने 12 बसों को ग्रामीण रूटों पर चला दिया है। डिपो में बसों की कमी है। यदि और अधिक बसें चलाने की संभावनाएं बनी तो उन्हें भी चलाया जाएगा।
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