प्रेमपुरी पक्ष ने दूजपूरी से डेरे के 18 लाख व एक्सयूवी गाड़ी बरामद करने की मांग की
गांव बाबा लदाना में स्थित डेरा राजपुरी विवाद का मामला
फोटो नंबर-11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना में स्थित डेरा राजपुरी विवाद पर महंत प्रेमपुरी पक्ष के लोग बुधवार को बाबा दूजपुरी से डेरे के 18 लाख रुपये व एक्सयूवी गाड़ी बरामद करने की मांग पर डीसी धर्मबीर सिंह से मिले।
ग्रामीण सोनू, संजय, महावीर, किशनलाल, मुकेश, रणबीर फौजी, शमशेर, सुरेश कुमार, गुलाब सिंह, रामकला, संदीप, सुरेश कुमार, सतपाल, जोरा सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल को बाबा दूजपुरी पक्ष ने डेरे में नई अनाज मंडी से डेरे की जमीन की गेहूं के 18 लाख रुपये संबधित आढ़ती से लिए। इसके साथ ही वह डेरे की गाड़ी को-ऑपरेटिव सोसाइटी से 5 लाख रुपये में लिए गए। उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में दशहरे के अवसर पर बाबा राजपुरी के डेरे में तीन दिन का मेला लगाता है। जिसकी देखरेख के लिए महंत की जरूरत है।
डीसी धर्मबीर सिंह ने यहां पहुंचे लोगों को कहा कि डेरे में धारा 145 लगी हुई है। यह मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। इसके लिए दोनों पक्षों की तरफ से एक संयुक्त कमेटी बनाई जाए। जिसकी देखरेख में अस्थाई महंत को गद्दी पर बिठाया जाए। जिसकी देखरेख में डेरे का संचालन किया जा सकता है।
वहीं इन आरोपों पर महंत दूजपुरी ने कहा कि डेरे के ऊपर साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का लोन है। साधुओं से राशि उधार लेकर वहां खर्च किया हुुआ है। यहां 55 एकड़ की जमीन है। जब वे महंत बने थे, उस समय 35 भैंस के अलावा कोई सामग्री नहीं थीं। उन्होंने खुद ट्रैक्टर, ट्रॉली सहित अन्य संसाधन जुटाए। वे केवल आमदनी देख रहे हैं, वे खर्च नहीं देख रहे हैं। इसके बाद यहां जो निर्माण कार्य हुआ है, साधु समाज में जो खर्च हुआ है। खर्च भी तो उसी में जोड़ा जाएगा। केवल आमदनी देखने से काम नहीं चलेगा। कोई हिसाब लेना चाहता है, हिसाब लें। जो हमारा खर्च है, वो हमें लौटाया जाए। जो हमारी ओर बनता है, वह लिया जाए। आमदनी जैसी कोई 18 लाख रुपये की राशि नहीं बची। इसमें खर्च भी हुआ है। खर्च कौन देखेगा। अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं।