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एनएचएम कर्मचारियों ने थाली बजाकर सरकार के खिलाफ जताया रोष

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एनएचएम कर्मचारियों ने थाली बजाकर सरकार के खिलाफ जताया रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अनुबंध पर लगे एनएचएम कर्मचारी बर्खास्त होने के बाद भी वीरवार को जिला अस्पताल के बाहर डटे रहे। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ थाली बजाकर अपना रोष प्रकट किया। वीरवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेंद्र ने की।
कर्मचारियों ने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री कर्मचारियों को बर्खास्त न करने की बात कहकर केवल चेतावनी देने की बात करते हैं। लेकिन विभाग के अधिकारी अपनी मनमर्जी से एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करने का फरमान जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह विभाग के बर्खास्त के फैसले के डरने वाले नहीं है। उनका प्रदर्शन मांगें पूरी होने तक लगातार जारी रहेगा।
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आउटसोर्सिंग के तहत लगे कर्मचारियों से चला रहे काम :
एंबुलेंस के ड्राइवरों सहित अन्य कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद मरीजों की सुविधाएं देने के लिए आउटसोर्सिंग के तहत लगे कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। इसमें सीएमओ कार्यालय के चार ड्राइवरों व ठेके पर लगे अन्य 6 ड्राइवरों को एंबुलेंस पर लगाया गया है। वहीं एंबुुलेंस रूम में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी अटेंड कर रहे हैं।
हड़ताल के कारण सामान्य मरीजों को एंबुलेंस की सेवाएं नहीं मिल रही। जिससे इन मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
आज सभी संगठन समर्थन में करेंगे प्रदर्शन : पिछले दस दिनों से चल रही एनएचएएम के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए आज सर्व कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ सहित अन्य संगठनों के सदस्य लघु सचिवालय का घेराव करके विशाल प्रदर्शन करेंगे।
सीएमओ अशोक चौधरी ने बताया कि अभी तक एनएचएम के 277 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। अभी तक सरकार के कोई आदेश मेरे पास नहीं आए। जैसे ही सरकार के कोई आदेश आएगा तो उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अतिथि अध्यापक संघ ने किया कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन : अतिथि अध्यापक संघ ने वीरवार को पिछले दस दिनों से हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन देते हुए लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर तहसीलदार के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसकी अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान मास्टर सुभाषचंद ने की। जिला प्रधान ने कहा कि प्रदेश सर कार एनएचएम के कर्मचारियों का रोजगार छीनकर दमनकारी नीति अपना रही है। जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। बीजेपी सरकार ने 2014 के चुनावों से पहले प्रदेश के करीब एक लाख कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने वादा किया था। लेकिन आज इसके विपरीत बीजेपी सरकार सरप्लस का बहाना बनाकर सभी कर्मचारियों का रोजगार छीनकर अपने वादे से मुकर रही है। पिछले 45 दिनों से 11 मंत्रियों के आवास पर प्रदेश भर के एनएचएम कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। सरकार प्रदेश के कर्मचारियों का रोजगार छीनकर चिंतन शिविर का आयोजन कर रही है। सभी कच्चे कर्मचारी 16 दिसंबर को एक बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इस मौके पर एनएचएम के रामरती मलिक, शमशेर नैन, कृष्ण शर्मा, विकास, रमेश भाणा, सुनीता, अरुण, सुमन, गीता, रामनिवास, अरुणा, कविता, ईशम सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।



बर्खास्त होने के बावजूद भी हड़ताल पर डटे रहे कर्मचारी
एंबुलेंस सेवाओं के लिए विभाग ने आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे ड्राइवरों को लगाया
फोटो नंबर-4,23
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