शुगर मिल में मिट्टी-पानी जांच लैब में नहीं हो रहे टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अभिलक्ष लिखी ने बुधवार को जिला परिषद भवन में चलाए जा रहे किसान सेवा केंद्र व शुगर मिल में चलाई जा रही मिट्टी-पानी जांच लैब की हालत देखी तो खुद हैरान रह गए। लैब में कोई जांच होती हुई नहीं मिली तो किसान सेवा केंद्र में भारी अव्यवस्थाओं पर उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब वे दोबारा दौरे पर आएं तो सब कुछ सही मिलना चाहिए।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अभिलक्ष लिखी बुधवार को कैथल में एक बैठक में भाग लेने आए थे। इसके बाद उन्होंने जिला परिषद भवन में किसान सेवा केंद्र की कार्य प्रणाली का जायजा लिया। जहां खाली पड़े रजिस्टर को देखकर उन्होंने हैरानी जताई। यहां अब तक आ चुके किसानों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। साथ ही उन्होंने विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों से किसान सेवा केंद्र के बाहर सरकार की कृषि कल्याण जैसी योजनाओं की प्रचार सामग्री ना होने पर सवाल किए। लेकिन अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा किसान सेवा केंद्र में कार्यरत कर्मचारी भी किसान सेवा केंद्र को खोलने के उद्देश्य व उसकी सेवाओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए। जिस पर प्रधान सचिव ने कहा कि ऐसे इस केंद्र को खोलने का किसानों को कैसे लाभ मिलेगा। क्या सेवाएं आप यहां दे रहे हैं? उन्होंने रजिस्टर में किसानों की इंट्री सहित सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा और कहा कि जब वे अगली बार आएं तो सब कुछ दुरुस्त मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र के बाहर कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं को एक फ्लैक्स के माध्यम से प्रचारित करने के आदेश भी दिए।
इसके बाद उन्होंने सहकारी चीनी मिल में मिट्टी व पानी की जांच के लिए स्थापित प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। यहां वे यह देखकर हैरान रह गए कि मिट्टी व पानी की जांच ही नहीं हो पा रही। लैब शुरू हो चुकी है। मशीनें भी लैब में थीं। लेकिन टेस्टिंग न होने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जानकारी हासिल की कि इस प्रयोगशाला से अब तक कितने किसानों की मिट्टी व पानी के सैंपलों की जांच की गई है।
सब्सिडी के मामलों को तुरंत निपटाएं अधिकारी:- प्रधान सचिव ने गांव ग्योंग के प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह के फार्म पर किसानों की समस्याएं सुनीं। जिसमें किसानों ने सिंचाई के लिए अंडरग्रांउड पाइपलाइन के लिए सब्सिडी की राशि में देरी की शिकायत की। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को अंडर ग्राउंड पाईप लाइन के लिए कृषि विभाग की योजना के तहत अनुदान दिया जाता है, जिसमें सब्सिडी भी शामिल है। इन सब्सिडी के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। इस मौके पर उपकृषि निदेशक डा. महावीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डा. जगफूल सिंह, मनीष वत्स, दिनेश शर्मा, सतीश त्यागी, बाबू लाल शर्मा, शक्ति सिंह व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।