कैथल। अनाज मंडी में एक दिन की खरीद के बाद ही गेहूं की खरीद फिर बंद हो गई। शनिवार को खरीदे गए गेहूं के लिए जब रविवार को मार्केट कमेटी अधिकारियों ने ऑनलाइन बिल मांगें तो आढ़ती हड़ताल पर चले गए और कहा कि जब तक ई-ट्रेडिंग पर सरकार कोई आदेश जारी नहीं करती, तब तक वे खरीद नहीं करेंगे। दिन भर किसान मंडी में गेहूं की बिक्री के इंतजार में बैठे रहे। हालांकि शाम के समय मैन्यूअल बिल लिए गए। लेकिन दिन में खरीद बंद रहने से किसान परेशान रहे।
शनिवार को नई अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। करीब 8 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद के बाद रविवार को एफसीआई अधिकारियों ने इसके लिए ऑनलाइन बिल मांगें। जिसमें जिस आढ़ती ने जिस किसान से गेहूं खरीदा था, उसका पूरा ब्यौरा देने को कहा। आढ़तियों ने इस बात का विरोध कर दिया कि सरकार ने जब ई-ट्रेडिंग का फैसला वापस ले लिया है तो अब फिर ऑनलाइन बिल क्यों मांगें जा रहे हैं।
किसान बैठे रहे इंतजार में : मंडी में सुबह से ही किसान गेहूं बिक्री के इंतजार में बैठे रहे। मंडी में गेहूं लेकर आए किसान राममेहर व अन्य ने बताया कि पहले खेत में गेहूं का उत्पादन किया। अब यहां बिक्री के लिए इंतजार में हैं। मौसम में लगातार खराबी की संभावनाएं हैं। ऐसे में जल्द से जल्द गेहूं की खरीद होनी चाहिए। ताकि शेष फसल को भी मंडी में लाया जा सके।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि आढ़तियों ने ऑनलाइन बिलों के विरोध में रविवार को गेहूं की खरीद नहीं की। दिन में तो खरीद नहीं हुई। लेकिन शाम को मैन्यूअल बिल लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार तक ई-ट्रेडिंग के संबंध में सरकार के निर्देश आ जाएंगे। इसके बाद पूर्व की भांति ही गेहूं की खरीद होगी। रविवार को गेहूं की खरीद नहीं हो पाई।
द फूड ग्रेन एसोसिएशन के प्रधान शमशेर मित्तल ने बताया कि ई-ट्रेडिंग के तहत स्थिति साफ नहीं की गई है। अधिकारी ऑनलाइन बिल मांग रहे हैं। जबकि सरकार ने आश्वासन दिया था कि पूर्व की भांति ही खरीद की जाएगी। ऐसे में आढ़ती असमंजस में हैं कि क्या किया जाए। इसी कारण रविवार को गेहूं की खरीद नहीं की गई।
वहीं एफसीआई मैनेजर ज्ञान चंद का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन बिल नहीं मांगें। मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा पूरी तस्वीर साफ नहीं की जा रही है। उम्मीद है कि सोमवार को स्थिति साफ हो जाएगी।
बारदाने का भी संकट : मंडी में गेहूं खरीद न होने के साथ-साथ बारदाने का भी संकट बना हुआ है। आढ़तियों ने बताया कि इससे पूर्व बारदाना एक तारीख को ही मिल जाता था। लेकिन अब कि बार यह अभी तक नहीं दिया जा रहा। जबकि अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही खरीद होगी, बारदाना मिल जाएगा।
उधर, मार्केट कमेटी अधिकारी खरीद ना होने का कारण रविवार बता रहे हैं। जबकि सीजन में छुट्टी आदि को लेकर स्पष्ट आदेश रहते हैं कि किसानों की फसल खरीदी जाए। मार्केट कमेटी सचिव दलेल सिंह ने कहा कि सोमवार से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। रविवार का दिन होने के कारण आज खरीद नहीं हो पाई।
उधर, पाई में खरीद एजेंसी के अधिकारी छुट्टी मना रहे हैं और चौदहवें दिन भी किसानों की फसल आने के बावजूद खरीद का कार्य शुरू नहीं हो सका। पाई की अनाज मंडी में इस समय लगभग 20000 बोरी की आवक हो गई है, परंतु कोई भी अधिकारी किसानों की फसल खरीदने के लिये नहीं आया। मार्केट कमेटी के चेयरमैन रणधीर फौजी ने खरीद एजेंसी के अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया है। सोमवार से खरीद शुरू हो जाएगी।
अनाज मंडी के प्रधान रणधीर सिंह ढुल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हर साल की तरह पाई मंडी की बिजली खेतों की बिजली से अलग करके बिजली सुचारु रूप से चालू की जाए।