हरियाणा में रोडवेज बेचण की तैयारी होई... घाटे कै मां फंसा दिए, इब करणा चांवै बोली...
रोडवेज की हड़ताल के बीच कर्मचारी संगठनों के पक्ष में एक रागिनी ने सोशल मीडिया पर बनाया माहौल
नसीब सैनी
कैथल। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के बीच कर्मचारी संगठनों के पक्ष में एक रागिनी ने पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया पर पूरा माहौल बनाया हुआ है। यह रागिनी फतेहाबाद डिपो में किसी कर्मचारी द्वारा बनाई गई बताई जा रही है। लेकिन रागिनी हड़ताली कर्मचारियों में खूब जोश भर रही है। रागिनी के माध्यम से हरियाणा रोडवेज में भ्रष्टाचार को लेकर कटाक्ष किया गया है। जिसमें सरकार से लेकर अधिकारियों के घर तक मोटी कमाई पहुंचने की बात की जा रही है।
आठ दिनों से प्रदेश भर में हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के कारण न केवल जनता बल्कि सरकार के हुक्मरान भी परेशान हैं। रोज मीटिंग हो रही हैं। समाधान न निकलने के कारण जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। अब जनता में एक सवाल भी उठने लगा है कि आखिर इस संघर्ष में कर्मचारी पीछे हटेंगे या सरकार। यह देखने के लिए भी लोग उत्सुक हैं। इसी बीच एक रागिनी के माध्यम से कर्मचारी अपने संघर्ष की गाथा कहते हुए नजर आ रहे हैं। रागिनी के बोल शुद्ध हरियाणवी में हैं। जिसे प्रसिद्ध रागिनी की धुन पर गाया गया है। रागिनी में रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन के पूरे 50 फोटो प्रयोग किए गए हैं।
रागिनी में गायक कहते हैं कि :
हरियाणा में रोडवेज बेचण की तैयारी होई... घाटे कै मां फंसा दिए, इब करणा चांवै बोली...
टायर, पुर्जे बेच दिए, चेसी बेच खाई... कमीशन पहुंचे ऊपर तक, बणें. चोर मोसेरे भाई...
हरियाणा में रोडवेज बेचण की तैयारी होई... घाटे कै मां फंसा दिए, इब करणा चांवै बोली...
जीएम टीएम के घर पहुंचे माया सोणी भाई... घाटे कै मां फंसा दिए इब करणा चाहवं बोली...।
भूमिगत आंदोलन में दूसरे विभागों के नेताओं को भी कर लिया है हड़ताल के लिए तैयार : विभागीय सूत्रों के अनुसार रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता भूमिगत रहते हुए आंदोलन की बागडोर संभाले हुए हैं। रोडवेज कर्मचारियों की एकता के चलते अधिकतर जिलों में बसें न के बराबर चल रही हैं। जिस कारण इन नेताओं ने अब अपने विभाग के अलावा दूसरे विभागों के नेताओं को भी हड़ताल के लिए राजी कर लिया है। जिस तरह से रोडवेज की हड़ताल को लेकर कार्रवाई की जा रही है? भविष्य में सरकार दूसरे विभागों में हड़ताल के समय इस तरह की कार्रवाई ना कर दे, इसी कारण दूसरे विभागों के कर्मचारी भी आगामी 26 अक्तूबर से हड़ताल का आह्वान कर रहे हैं। अब देखना है कि सरकार द्वारा की गई सख्ती के बावजूद चल रही रोडवेज की हड़ताल के बीच सरकार पीछे हटती है या कर्मचारी संगठन। परेशानी और उत्सुकता आम जनता की बढ़ती जा रही है।