शॉर्ट सर्किट से लगी आग में जलने से डेरा संचालक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। सौंगरी गांव में स्थित ज्ञान गिरी डेरे में शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग के कारण वहां सो रहे डेरा संचालक संत बाबा श्याम भारती की जलने से मौत हो गई। इससे संत समाज ने भी शोक जताया और ग्रामीणों की मौजूदगी में मंदिर परिसर में ही उन्हें समाधि दे दी गई। आग से डेरे का काफी सामान जलकर राख हो गया।
मंदिर के साथ लगते मकान मालिक राजेश ने बताया कि रात को लगभग दो बजे उन्हें मंदिर परिसर से कुछ विस्फोट होने की आवाजें सुनाई दीं। यह सुनकर वह बाहर निकला और देखा कि आग लगी हुई है। उसने अपने आस पास मंदिर में आग लगने के बारे में बताया। मंदिर में आगजनी की बात कुछ पल में पूरे गांव में फैल गई। रात ढाई बजे तक पूरा गांव मंदिर में पहुंच कर आगजनी पर काबू पाने में लग गया। ग्रामीण बलजीत, भीला, राम मेहर, कृष्ण डांगी, वजीर डांगी, राम सिंह डांगी, रामनिवास, शीशपाल, डॉ. सलींद्र सिंह, सतीश कुमार, दयानंद, लीलू, सीता राम, रामभज आदि ने बताया की आग बुझाने के लिए पूरे गांव को मशक्कत करनी पड़ी। आग ने बाबा श्याम भारती के शयन कक्ष के साथ लगते कमरे को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों कमरों के दरवाजे बंद होने के कारण ग्रामीणों ने बाबा श्याम भारती को बचाने के लिए कमरों की पिछली तरफ लगी खिड़कियों को उखाड़ा तब जाकर ग्रामीण आग पर काबू पा सके। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया तब तक आग बाबा को भी अपने आगोश में ले चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि बाबा पिछले 19 वर्षों से गांव में स्थित मंदिर व डेरे का संचालन कर रहा था। जब से बाबा श्याम भारती गांव में आए थे, उसी दिन से गांव में अन्न, धन की कोई कमी नहीं रही थी। पूरा गांव आपसी भाईचारे व सौहार्र्द के साथ रह रहा था, लेकिन अचानक से हुई आगजनी ने बाबा श्याम भारती को अपनी चपेट में लेकर पूरे गांव को अनाथ बना दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बाबा श्याम भारती गांव की सुख शांति व समृद्धि के लिए हर वर्ष कई कई बार भंडारे का आयोजन करते थे। आगजनी होने व बाबा की मौत की सूचना पाकर किठाना चौकी प्रभारी सुरेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं मौके पर पहुंचे साधु समाज के सामने ग्रामीण गांव के डेरे व मंदिर के लिए बाबा श्याम भारती समान कोई साधु भेजने की मांग कर रहे थे। बाबा श्याम भारती को भारी संख्या में ग्रामीणों व साधू समाज की मौजूदगी में समाधि दी गई। बाबा को अंतिम विदाई देने के समय जहां ग्रामीण बाबा श्याम भारती के जयकारे लगाते रहे। वहीं ग्रामीण महिलाएं भजन कीर्तन कर बाबा श्याम भारती का यश गान कर रही थीं। बाबा को अंतिम विदाई के समय बाबा श्याम भारती के परिजन रिटोली गांव से भी आए हुए थे। सभी ग्रामीणों ने आगजनी में बाबा की मौत को पूरे गांव के लिए कभी न पूरा होने वाली क्षति करार दिया।
किठाना चौकी प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि कमरे में बिजली के शार्ट सर्किट से आग लगी थी। जिस कमरे में बाबा सो रहे थे वहां काफी लकड़ी रखी हुई थी। इससे आग फैल गई और यह घटना घटित हो गई।