अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में बेटियों की आवाज बुलंद करने के लिए स्कूल-कॉलेजों में लगाए गए बॉक्स लंबे समय से नहीं खुले हैं। जिसमें यदि किसी बेटी ने अपनी पीड़ा लिखकर डाली भी होगी तो वह उसी में कैद होकर रह गई है। दिल्ली में निर्भया हत्या कांड के बाद जिला पुलिस ने स्कूल-कॉलेजों में बेटियों के सुरक्षा के लिए शिकायत बॉक्स रखे गए थे। जिसमें संबंधी थाना एसएचओ को हर हफ्ते उस बॉक्स को खोलकर देखना था। लेकिन वर्ष 2013 में करीब छह महीने के बाद किसी भी अधिकारी ने स्कूल कॉलेजों में लगे बॉक्स को देखने का जहमत नहीं उठाई है।
इन जगहों पर लगाए गए थे शिकायत बॉक्स : दिल्ली में हुए निर्भया हत्याकांड के बाद कैथल पुलिस ने भी सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए थे। एसपी ने जहां उस समय छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया था। वहीं शहर में स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए शिकायत बॉक्स लगाए गए थे। इनमें बाजार के निकट राजकीय कन्या स्कूल, राजकीय आईटीआई कैथल, इंदिरा गांधी महिला कॉलेज, आरकेएसडी कॉलेज, राजकीय कन्या स्कूल जाखौली अड्डा, हिंदू कन्या स्कूल सहित शहर के कई बड़े स्कूलों में बॉक्स लगाए गए हैं।
पुलिस स्टेशनों में है बॉक्स की चाबी-एसपी बदलते ही बदल दिए नियम : स्कूल कॉलेजों में शिकायत बॉक्सों की चाबी पुलिस स्टेशन में है। यह शिकायत बॉक्स तत्काल एसपी कुलदीप सिंह यादव ने रखवाए थे। जिसमें कहा गया था कि प्रति सप्ताह पुलिस अधिकारी शिकायत जांचने के लिए बॉक्स खोलेंगे। लेकिन एसपी के बदलते ही पुलिस थाना एसएचओ ने उन शिकायत बॉक्सों को खोलने तक ही जहमत नहीं उठाई है।
मनचले करते हैं परेशान, बॉक्स में शिकायत भी मिल सकती हैं : छात्रा मोनिका, सपना, करिश्मा, जसप्रीत, सोनिया ने बताया कि स्कूल व कॉलेजों में आते व जाते समय कई मनचले युवक छात्राओं को बाइक पीछे लगाकर परेशान करते हैं। ऐसे में जो छात्राएं परेशान हैं, इन शिकायत बॉक्स में वे शिकायत डाल सकती हैं। पुलिस को इनकी नियमित जांच करनी चाहिए। क्या पता किस लड़की को कैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा हो और लंबे समय से वह शिकायत पर कार्रवाई के इंतजार में हो।
अब सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाए जाएंगे शिकायत बॉक्स : वहीं इस संबंध में एसपी आस्था मोदी ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में बॉक्स क्यों नहीं खोले जा रहे, इसकी जांच करवाई जाएगी। साथ ही शहर में सार्वजनिक स्थलों पर भी शिकायत बॉक्स लगाए जाएंगे। जिसमें थाना प्रभारी का यह हिदायत होगी कि वह समय-समय पर शिकायत बॉक्स चेक करके शिकायतों पर कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर भी शिकायत बॉक्स रखे जाएंगे। यह कार्य अगले हफ्ते शुरू हो जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में लगे बॉक्स में कैद होकर रह गई है बेटियों की आवाज
पांच साल पहले लगाए गए थे स्कूल कॉलेजों में छात्राओं के लिए लगाए गए थे बॉक्स
कोई भी छात्रा अपनी गुप्त शिकायत कर सकती है बॉक्स में
पुलिस थानों में है बॉक्स की चाबियां
छात्राओं की समस्याओं का नहीं हो पा रहा समाधान
स्कूल-कॉलेजों से रिपोर्ट के आधार पर खबर
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