भारतीय लोकतंत्र और चुनौतियों पर किया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आरकेएसडी कालेज के राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा भारतीय लोकतंत्र में अवसर और चुनौतियों विषय पर समूह परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें राजनीति शास्त्र के स्नातक से स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए वर्तमान संदर्भ में लोकतंत्र की चुनौतियों पर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य डा. एस.बी. गोयल बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए जबकि अध्यक्षता प्राचार्य डा. ओपी गर्ग ने की। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा. सीबी सैनी मौजूद रहे। परिचर्चा का संचालन डा. अशोक अत्री ने किया। इस ग्रुप डिस्कशन में विद्यार्थियों सहित शिक्षक वर्ग भी शामिल हुआ। निर्णायक मंडल में शामिल प्रो. श्रीओम तथा डा. सुरेंद्र आर्य ने जिन बच्चों को पुरस्कार के लिए चयनित किया उनमें प्रथम रहे ऋतु वर्मा व आशा, द्वितीय रहे हिमांशु व विशाल तथा तृतीय स्थान के लिए चयनित 6 विद्यार्थियों ने प्रीति, पूनम, दीपक, ज्योति, अनीता व हंसराज शामिल थे। तुषार ने कहा कि लिंग भेद में कमी आई है और पूनम का कहना था कि शिक्षा आमजन मानस तक पहुंची और लोकतंत्र में जनता को अधिकार मिले है। न्यायपालिका की सशक्त भूमिका से न्याय सुलभ हुआ है और सरकार की आलोचना करने का अधिकार भी व्यक्ति को मिला है। मुख्यातिथि डा. एससी. गोयल ने कहा कि यदि भारत वर्ष का हर व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का निर्वाह भी करें तो पूरे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत सामने आ सकता है। इस अवसर पर डा. सुदेश, प्रो. रमेश, प्रो. राहुल गर्ग मौजूद रहे।