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चेयरमैन के पक्ष में आया विरोधी खेमे का एक पार्षद

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चेयरमैन पक्ष में आया विरोधी खेमे का एक पार्षद
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले एक पखवाड़े से नगर परिषद कैथल चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले में शनिवार को बड़े घटनाक्रम के तहत विरोधी खेमे का एक पार्षद सत्तापक्ष की ओर आ खड़ा हुआ है। कुरुक्षेत्र के विधायक सुभाष सुधा की मौजूदगी में पार्षद ने सत्तापक्ष में विश्वास जताया। वार्ड नंबर 20 के पार्षद नरेश नायक ने कहा कि वार्ड वासियों के कहने पर वे पार्टी के समर्थन में आए हैं। विधायक सुभाष सुधा ने उन्हें विकास में सहयोग का पूर्ण विश्वास दिलवाया है। वहीं डीसी सुनीता वर्मा ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अविश्वास प्रस्ताव के लिए 17 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
विदित रहे कि नगर परिषद कैथल के 31 में से 22 पार्षदों ने शपथ पत्र देकर डीसी से अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। डीसी द्वारा बैठक न बुलाए जाने पर असंतुष्ट पार्षदों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने डीसी को एक सप्ताह में बैठक बुलाकर प्रक्रिया हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए 6 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
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तिथि निर्धारित : डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कैथल नगर परिषद के प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक का आयोजन 17 अगस्त की सुबह 11 बजे नगर परिषद कार्यालय के हाल में आयोजित करने का निर्णय लिया है। सभी पार्षदों को इस बैठक में भाग लेने के बारे में नोटिस जारी किया है। यह बैठक डीसी की अध्यक्षता में नगर परिषद कार्यालय में प्रथम तल पर स्थित हॉल में आयोजित होगी।

नरेश नायक लौटे सत्ता पक्ष की ओर : वार्ड नंबर 20 के पार्षद नरेश नायक शनिवार को विधायक सुभाष सुधा की मौजूदगी में सत्तापक्ष की ओर आ गए। विधायक ने कहा कि नेता विनोद शर्मा के नेतृत्व में नरेश नायक ने चेयरमैन पक्ष का साथ देंगे। उनके साथ-साथ दो पार्षदों ने भी पार्टी में आस्था जताई है। इन सभी पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। वहीं नरेश नायक ने कहा कि वे वार्ड के लोगों के कहने पर ही सत्ता पक्ष की ओर आए हैं। उन्हें वार्ड में विकास चाहिए ओर कुछ नहीं।

हर हाल में पारित होगा प्रस्ताव : वहीं विरोधी खेमे की ओर से पार्षद वीरेंद्र बिल्लू ने कहा कि असंतुष्ट पार्षदों की संख्या अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के लिए पर्याप्त है। जो पार्षद विरोध में हैं। वे किसी भी सूरत में टस से मस नहीं होंगे। पार्षद शहर के विकास के लिए एकजुट हैं। इसमें विधायक रणदीप सुरजेवाला की कोई भूमिका नहीं हैं। कुछ लोगों द्वारा उन्हें इस छोटी राजनीति में घसीटना तुच्छ मानसिकता का प्रतीक है। वहीं पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव हर हाल में पारित होगा।

बिना दूल्हे बारात नहीं चढ़ती : सत्तापक्ष की ओर से पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने कहा कि बिना दूल्हे के बारात नहीं चढ़ती। कई असंतुष्ट पार्षदों की उनसे बातचीत हो चुकी है। नरेश सहित तीन पार्षद उनके खेेमे में आ चुके हैं। कई और भी संपर्क में हैं। चेयरमैन यशपाल प्रजापति ही रहेंगे।

पुलिस तक पहुंच गया था मामला : सूत्रों ने बताया कि पार्षद नरेश नायक के विरोधी खेमे से लापता होने पर कुछ लोगों ने एसपी को शिकायत दी। एसपी को शिकायत में जिस भाजपा नेता विनोद शर्मा का नाम इसके पीछे बताया गया था। एसपी ने उन्हें फोन किया तो विनोद शर्मा ने एसपी की बात विधायक सुभाष सुधा से करवा दी। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि पार्षद का कोई अपहरण नहीं हुआ है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई।

अब होगी कांटे की टक्कर : 31 में से अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए विरोधी खेमे को कम से कम 21 पार्षद चाहिए। पूर्व में 22 ने शपथ पत्र दिया था। अब 21 पार्षद विरोधी खेमे के पास हैं। जबकि 10 पार्षद सत्तापक्ष के पास हैं। सत्तापक्ष को 11 पार्षद चाहिए। उन्हें एक और पार्षद का समर्थन जुटाना है। दोनों पक्ष अपने पक्ष में स्थिति अनुसार बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। अब देखना है कि 17 तारीख को ऊंट किस करवट बैठता है।
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दो दर्जन से अधिक पार्षद जिले से बाहर : विरोधी खेमे के करीब दो दर्जन से अधिक पार्षद शहर से बाहर हैं। साथ ही अन्य पार्षद भी उनसे लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं सत्तापक्ष के पार्षदों की भी मीटिंगों का दौर जारी है। भाजपा द्वारा यशपाल प्रजापति को चेयरमैन बनाए रखने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है तो कांग्रेस के समर्थन से विरोधी खेमे भी अपनी मजबूती के लिए हर तरह से जोर-आजमाइश कर रहा है।
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