कैथल। फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को हरी खाद व दलहन फसलों की बिजाई करनी होगी। इसके लिए उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से प्रति एकड़ 1000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। ये जानकारी कृषि उपनिदेशक डॉ. रविन्द्र सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत धान की रोपाई से पहले खेत में हरी खाद (ढैंचा) या दलहनी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से 1000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान 15 अप्रैल तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। योजना के तहत ढैंचा के अलावा समर मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी दलहन फसलें भी शामिल की गई हैं। किसान इन फसलों के बीज खुले बाजार से खरीदकर बिजाई कर सकते हैं। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए किसानों को पोर्टल पर अपनी फसल की फोटो भी अपलोड करनी होगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 अप्रैल से 15 मई के बीच कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर फसल का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे प्रोत्साहन राशि भेज दी जाएगी। संवाद