कलायत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कैथल के माध्यम से देश को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत कलायत उप-मंडल नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वास्थ्य कर्मियों, महिलाओं और आम नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता मनीषा ने बताया कि बाल विवाह समाज की गंभीर समस्या है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में बाधा डालता है। बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी करता है।
अधिवक्ता मनीषा ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के दौरान गांव-गांव, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मिलने वाले अधिकार, दंड प्रावधान और शिकायत प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कार्यक्रम में नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने आसपास होने वाली घटनाओं को रोकने में सहयोग करें। संवाद