संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में शनिवार शाम तक 10 किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर केस दर्ज कर लिए हैं। इसमें पांच पूंडरी, एक कैथल और चार सीवन क्षेत्र के किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, जिले में वायु प्रदूषण का स्तर भी नहीं कम हो रहा। शनिवार को एक्यूआई 350 के पार पहुंच गया। शनिवार सुबह के समय वायु प्रदूषण का स्तर 374 पर रहा। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है।
इस संबंध में कैथल के एसपी राजेश कालिया ने बताया कि सरकार के आदेशों पर सभी पुलिस थाना और चौकी प्रभारियों को किसानों को पराली न जलाने के संदर्भ में जागरूक करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की ओर से किसानों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। यदि कृषि विभाग की ओर से कोई शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है।
उधर, कृषि विभाग ने पराली जलाने पर किसानों पर दो लाख रुपये का अधिक का जुर्माना भी लगाया है। कृषि विभाग ने 12 ऐसे किसानों की जानकारी भी जुटाई है, जिन्होंने पराली में आग लगाई थी। अधिकारियों का कहना है कि अब इनकी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाएगी।
उधर, कृषि विभाग ने गांव स्तर पर पराली जलाने के मामलों में जागरूकता को लेकर लापरवाही बरती है। ऐसे में कृषि विभाग के आठ कर्मियों को नोटिस दिया गया है। जबकि इससे पहले पांच कर्मियों को भी नोटिस दिए गए थे। अब सरकार ने जिला प्रशासन को अब पराली जलाने पर सीधा एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
वहीं, जिले में अब तक पराली जलाने के 123 मामले आ चुके हैं। कृषि विभाग कैथल के फसल अवशेष प्रबंधन के जिला नोडल अधिकारी व एसडीओ सतीश नारा ने बताया कि कृषि विभाग ने अब पराली जलाने के मामलों में सख्ती लाना शुरू की है। जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली जलाने के किसानों पर अब सीधा एफआईआर दर्ज की जाएगी।