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डेंगू के 10 केस सक्रिय, फॉगिंग न के बराबर

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19-कैथल। शहर के करनाल रोड पर फोगिंग करते हुए कर्मी - फोटो : Kaithal
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कैथल। जिले में अब तक डेंगू के कुल 11 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें डेंगू से एक मरीज ठीक हो चुका है। फिलहाल डेंगू के कुल 10 केस एक्टिव हैं। दूसरी ओर इससे बचने के लिए फॉगिंग न के बराबर करवाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि डेंगू का लारवा मिलने पर ही फॉगिंग करवाई जाती है। इस काम के लिए केवल चार मशीनें ही काम कर रही हैं। उधर, अब तक साढ़े पांच लाख जगहों पर डेंगू के लारवे का सर्वे किया जा चुका है।
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आंकड़ों के मुताबिक, अब तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू के 650 सैंपल लिए जा चुके हैं। उधर, इससे बचने की तैयारियों के बीच अभी तक जिले में फॉगिंग का कार्य शुरू नहीं करवाया गया है। हालांकि लंपी वायरस की दहशत को देखते हुए कुछ गांवों की गोशालाओं में फॉगिंग का कार्य करवाया गया है। बताया जाता है कि अभी तक महज 150 लीटर दवा ही नगर परिषद को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई है। हालांकि इस विषय में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फॉगिंग करवाने की जिम्मेदारी नगर परिषद और पंचायती राज विभाग की है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुरू किए गए डोर-टू-डोर सर्वे के तहत साढ़े पांच लाख जगहों पर लारवे की जांच की जा चुकी है। इसमें से 590 स्थानों पर लारवा मिल चुका है। जहां भी लारवा मिला है। वहां पर संबंधित मकान या दुकान मालिक को नोटिस दिया जा चुका है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशानुसार डेंगू से बचाव के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग और नगर परिषद को दवा दी जा रही है। दवा का स्टॉक पूरा है। विभाग से दवा लेकर फॉगिंग का कार्य करवा सकता है। वहीं, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा कि शहर में फॉगिंग का कार्य लगातार करवाया जा रहा है।
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