18जेएनडी24: जिला परिषद के सुपरीडेंट को सीईओ के नाम पत्र सौंपते हुए उपप्रधान सतीश हथवाला। संवाद
जींद। जिला परिषद की राजनीति में लगातार उठापटक जारी है। इसके चलते जिला परिषद की तीन बैठकें रद्द हो चुकी हैं। यह तीनों बैठकें ग्रांट वितरण के लिए रखी गई थीं। कोरम पूरा नहीं होने के कारण तीनों बार बैठक को रद्द करना पड़ा था। इसके विपरीत अब जिला परिषद के वाइस चेयरमैन सतीश हथवाला ने सीईओ डॉ. किरण सिंह के नाम पत्र लिखकर दो दिवसीय सत्र बुलाने की मांग की है। यह पत्र जिला परिषद के सुपरिंटेंडेंट को सौंपा गया है।
उपप्रधान ने आरोप लगाया कि चेयरमैन को छह महीने में एक बार जिला परिषद का दो दिवसीय सत्र बुलाना होता है, लेकिन उन्होंने डेढ़ साल का समय बीत जाने के बाद भी नहीं बुलाया। उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार करवाए गए थे, उनमें से कितने कार्य पूरे हुए और कितने का भुगतान किया गया, इसकी जानकारी इस दो दिवसीय सत्र में दी जानी चाहिए। इसके अलावा जैम पोर्टल से जो सामान खरीदा गया और पोर्टल पर लगाए टेंडर और उसके एस्टीमेट की प्रति उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने आरोप लगाए की चेयरमैन ने अपने वार्ड में सबसे अधिक खर्च किया है। इसके विपरीत अन्य वार्ड विकास की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं।
जिला परिषद की 15 जुलाई को विशेष बैठक बुलाई गई थी, ताकि पार्षद अपनी मांगों और समस्याओं को रख सकें। बजट का वितरण कर विकास कार्य करवाने थे। इसमें उपप्रधान खुद ही शामिल नहीं हुए। उपप्रधान की मंशा विकास कार्यों की नहीं है। अगर उपप्रधान विकास कार्य करवाने की मंशा रखते तो वह पिछली बैठक में शामिल होकर ढाई करोड़ की राशि का वितरण करवाते। उपप्रधान के वार्ड में विकास कार्य हुए हैं। अगर वह चाहते हैं कि दो दिवसीय सत्र बुलाया जाए तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। -मनीषा रंधावा, जिला परिषद चेयरपर्सन, जींद।
18जेएनडी24: जिला परिषद के सुपरीडेंट को सीईओ के नाम पत्र सौंपते हुए उपप्रधान सतीश हथवाला। संवाद