जींद। जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की जानकारी दी है। सभी आवेदन केवल ऑनलाइन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे।
उपायुक्त डा. मनोज कुमार ने बताया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है। कोई भी ग्राम पंचायत, शहरी स्थानीय निकाय, मीडिया, स्कूल, संस्थान, उद्योग, गैर-सरकारी संगठन या जल उपयोगकर्ता संघ, जिसने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है, आवेदन करने के लिए पात्र हैं। राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार की जल समृद्ध भारत की परिकल्पना को पूरा करने के काम में देश भर में राज्यों, जिलों, व्यक्तियों, संगठनों आदि द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य जनता को पानी के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इन श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ राज्य और सर्वश्रेष्ठ जिला विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किए जाएंगे। अन्य श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ मीडिया, सर्वश्रेष्ठ स्कूल, सर्वश्रेष्ठ संस्थान, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ एनजीओ, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता एसोसिएशन और सीएसआर गतिविधियों के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र के साथ नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले विजेताओं के लिए नकद दो लाख रुपये, 1.5 लाख रुपये और एक लाख रुपये है।
यह होगी चयन प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जल पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी बनाई गई है। चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए प्राप्त सभी आवेदनों को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा गठित ज्यूरी समिति के समक्ष रखा जाता है। ज्यूरी समिति जो सिफारिश करती है उसके अनुरूप पुरस्कार प्रदान किया जाता है। समिति की सिफारिश अनुमोदन के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को प्रस्तुत की जाती है। इसके बाद विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी जाती है।