जुलाना। नई अनाज मंडी में मजदूरों, किसानों के लिए खोली गई कैंटीन में मजदूरों को खाना नहीं मिला तो व कैंटीन के बाहर नारेबाजी की।
नई अनाज मंडी में मजदूरों, किसानों और आढ़तियों के लिए हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खाने के लिए कैंटीन खोली गई है। इसमें 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है, लेकिन मजदूरों को खाने से मना कर दिया गया। मजदूरों ने कहा कि लखपति दीदी कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए तो कैंटीन से खाना पैककर भेज दिया गया, लेकिन उन्हें खाना देने से मनाकर दिया गया। ऐसे में मजदूरों को बैरंग लौटना पड़ा। मजदूरों को कैंटीन में जवाब मिला की आज ढाई बजे के बाद आना। उसके बाद खाना मिलेगा, जबकि मजदूरों का विश्राम एक से लेकर दो बजे तक ही होता है। जुलाना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में लखपति दीदी कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें खंड के सभी गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। कैंटीन में कार्यक्रम के लिए पहुंची महिलाओं के लिए खाने का ठेका दिया गया तो मजदूरों पर यह फैसला भारी पड़ गया। मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही मजदूरों पर भारी पड़ रही है। मजदूरों और किसानों के लिए खोली गई कैंटीन से किसी कार्यक्रम के लिए खाना जाना गलत है। खाना किसी भी कार्यक्रम के लिए बन सकता है, लेकिन मजदूरों को खाने से मना करना निंदनीय है। वो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे।
नई अनाज मंडी में मजदूरों, किसानों और आढ़तियों के लिए हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खाने के लिए कैंटीन खोली गई है। कैंटीन में कोई भी 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है। मजदूरों के लिए खाने की अलग से व्यवस्था की गई थी। किसी ने भी खाने से मना नहीं किया। अगर किसी ने मना किया है तो वो मामले की जांच करेंगे। -बिट्टू, खंड इंचार्ज हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जुलाना।