जींद। पेेयजल कनेक्शनों को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोड़ने का काम पूरे प्रदेश में पिछले लगभग एक वर्ष से चला हुआ है। इसमें कई बार काम को पूरा करने की तिथि निर्धारित हो चुकी है, लेकिन अधिकतर जिलों का काम अधूरा है। इस कार्य को करने के लिए प्रदेश के पांच जिलों ने गंभीरता दिखाते हुए पूरा किया है। इसमें जींद जिला 17वें नंबर पर है। इस कार्य का उद्देश्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिल सके। जींद में इस काम को पूरा करने के लिए विभाग ने 200 सक्षम युवाओं की मांग की है।
फतेहाबाद, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और रेवाड़ी जिले में यह कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा अंबाला में 98 प्रतिशत, गुरुग्राम, सिरसा और यमुनानगर में 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पूरे प्रदेश में अब तक 88.35 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जुड़े हैं। प्रदेश भर में 2827626 पेयजल कनेक्शन हैं, जिसमें से 329514 कनेक्शन परिवार पहचान पत्र से लिंक होने बाकी हैं।
इन जिलों में ज्यादा काम अधूरा
पेयजल कनेक्शन के साथ परिवार पहचान पत्र को जोड़ने के मामले में पांच जिलों ने अपना शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। अंबाला, गुरुग्राम, यमुनानगर, सिरसा, महेंद्रगढ़, सोनीपत, झज्जर, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, जींद, चरखी दादरी, पलवल, फरीदाबाद, भिवानी व नूहं जिले में ज्यादा काम बचा है।
जींद जिले में लगभग 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं के कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ लिंक किए जा चुके हैं। जल्द ही सभी कनेक्शनों को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ उपभोक्ताओं को मिल सके। इसके लिए सक्षम युवाओं का सहारा लिया जा रहा है।
-रणधीर मताना, जिला सलाहकार जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग जींद।